
पटना । बिहार की राजनीति में भूचाल लाने वाले मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड में आखिरकार बड़ी कार्रवाई हुई है। पटना पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपी, बाहुबली नेता और पूर्व विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी बाढ़ स्थित कारगिल मार्केट से हुई, जिससे सरेंडर की तमाम अटकलों पर विराम लग गया। पिछले कुछ समय से यह जानकारी सामने आ रही थी कि हत्याकांड के आरोपी बनाए गए अनंत सिंह जल्द ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर सकते हैं।
इसी सूचना के आधार पर पटना एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम उनके आवास के करीब पहुंची थी। पुलिस अब अनंत सिंह को बाढ़ से पटना के लिए निकल गई। उनसे आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने चुनावी माहौल में सरगर्मी बढ़ा दी है।
अनंत सिंह की संभावित गिरफ्तारी को लेकर पुलिस लगातार अलर्ट पर थी। सरेंडर की सूचना मिलने के बावजूद, पुलिस ने कोई ढील नहीं बरती। पटना एसएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम सीधे बाढ़ के कारगिल मार्केट पहुंची, जहां पूर्व विधायक को हिरासत में लिया गया। ये कार्रवाई पूरी गोपनीयता और तत्परता से की गई। दुलारचंद यादव हत्याकांड में नामजद होने के बाद से ही अनंत सिंह की गिरफ्तारी तय मानी जा रही थी। मीडिया में ये खबरें भी थीं कि वो जल्द ही पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर सकते हैं। हालांकि, पुलिस ने इंतजार न करते हुए खुद पहल की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। माना जा रहा है कि पटना के एसएसपी जल्द ही इस बाबत आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
CID कर रही दुलारचंद हत्याकांड की जांच
दुलारचंद यादव हत्याकांड की जांच अब बिहार पुलिस के अपराध जांच विभाग (CID) को सौंप दी गई है। CID के डीआईजी जयंत कांत खुद इस केस की निगरानी कर रहे हैं, जिन्होंने घटना स्थल बसावन चक का दौरा कर सभी पहलुओं का जायजा लिया। शनिवार को CID अधिकारियों ने एफएसएल (FSL) वैज्ञानिकों के साथ मिलकर पूरे क्षेत्र की वैज्ञानिक जांच की। इस दौरान क्षतिग्रस्त वाहनों का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया और महत्वपूर्ण फोरेंसिक नमूने एकत्र किए गए। जांच के दौरान मोकामा टाल से ‘बाहरी पत्थर’ मिलने से मामला उलझ गया है। ये वो पत्थर हैं जो आमतौर पर रेलवे ट्रैक पर मिलते हैं और इस इलाके में प्राकृतिक रूप से नहीं पाए जाते। अधिकारियों का मानना है कि इन्हीं पत्थरों से काफिले को निशाना बनाया गया था।
