मोतिहारी। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही का असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। पूर्वी चंपारण जिले के आदापुर प्रखंड के लाला छपरा गांव निवासी एक ही परिवार के पांच सदस्य नेपाल में बाढ़ के तेज बहाव के बाद लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद गांव में मातम और चिंता का माहौल है। परिजन लगातार अपने रिश्तेदारों की सलामती की खबर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, लाला छपरा गांव के रहने वाले बुधन शाह का परिवार पिछले करीब चार वर्षों से नेपाल में रह रहा था। परिवार के सदस्य वहां कबाड़ खरीदने और मजदूरी का काम करते थे। बाढ़ के दौरान बुधन शाह और उनके दो बेटों के सुरक्षित होने की जानकारी है। हालांकि, उनकी पत्नी मानती देवी, तीन बेटियां संध्या, आशा और रूपा तथा दो वर्षीय नातिन आयुषी लापता हैं।

बताया जा रहा है कि संध्या अपनी दो वर्षीय बेटी आयुषी के साथ अपनी मां से मिलने पहुंची थीं। इसी दौरान नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी। तेज पानी की चपेट में आने के बाद परिवार के पांच सदस्यों का कोई पता नहीं चल सका है।

घटना की जानकारी गांव पहुंचने के बाद बुधन शाह के परिजनों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। नेपाल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बाधित होने के कारण परिवार का संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। इससे परिजनों की बेचैनी और बढ़ गई है।

उत्तर बिहार में भी बाढ़ का खतरा बरकरार

नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद उत्तर बिहार में भी नदियों के जलस्तर को लेकर प्रशासन सतर्क है। कोशी बैराज पर निगरानी बढ़ा दी गई है। नेपाल से आने वाली कई नदियों के कारण उत्तर बिहार के विभिन्न इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

बिहार में गंगा, बागमती और कोशी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जानकारी के मुताबिक, गंगा का जलस्तर पटना में खतरे के निशान से करीब 65 सेंटीमीटर, हाथीदह में 70 सेंटीमीटर तथा भागलपुर और कहलगांव में करीब 81 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। इससे नदी किनारे बसे इलाकों में भी लोगों की चिंता बढ़ गई है।

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