नयी दिल्ली । भारत निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र व झारखंड के चुनावों की घोषणा कर दी है। महाराष्ट्र में एक फेज में ही चुनाव होगा। 22 अक्तूबर को चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। 29 अक्तूबर को नामांकन की अंतिम तिथि होगी, मतदान 20 नवंबर को होगा। झारखंड में दो चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण का मतदान 13 नवंबर व दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा। दोनों राज्यों की मतगणना एक साथ 23 नवंबर को होगी।

इसके अलावा 47 विधानसभा क्षेत्रों और एक संसदीय क्षेत्र (वायनाड) के लिए 13 नवंबर को उपचुनाव होंगे। उत्तराखंड की केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान 20 नवंबर को होगा। महाराष्ट्र में एक संसदीय क्षेत्र (नांदेड़) के लिए भी मतदान 20 नवंबर को होगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, “महाराष्ट्र में कुल मतदाताओं की संख्या 9.63 करोड़ है, जिनमें से 4.97 करोड़ पुरुष और 4.66 करोड़ महिला मतदाता हैं। पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की संख्या 20.93 लाख है। महाराष्ट्र में 1,00,186 मतदान केंद्र हैं, इस बार भी हम पीडब्ल्यूडी और महिलाओं द्वारा संचालित बूथ बनाएंगे।

महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जबकि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 5 जनवरी को समाप्त होगा। इस बीच, जिन तीन लोकसभा सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं, उनमें केरल की वायनाड, महाराष्ट्र की नांदेड़, और पश्चिम बंगाल की बशीरहाट सीटें शामिल हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, “झारखंड में कुल मतदाताओं की संख्या 2.6 करोड़ है, जिसमें से 1.29 करोड़ महिला और 1.31 करोड़ पुरुष मतदाता हैं। पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की संख्या 11.84 लाख है… झारखंड में 29,562 पोलिंग स्टेशन होंगे…”

प्रेस कांफ्रेंस शुरू करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के मतदाताओं को मतदान में उनकी सशक्त भागीदारी के लिए बधाई दी। कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकतंत्र के त्योहार को ऐतिहासिक बनाया। उन्होंने बड़ी संख्या में भाग लिया, अपने अधिकार का इस्तेमाल किया।

उपचुनाव वाली सीटें

वायनाड सीट कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा खाली की गई थी, जिन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में वायनाड और रायबरेली दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। राहुल गांधी ने बाद में रायबरेली सीट को बरकरार रखते हुए वायनाड सीट छोड़ दी थी। वहीं, नांदेड़ सीट पर कांग्रेस सांसद वसंत चव्हाण और बशीरहाट सीट पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नुरुल इस्लाम के निधन के बाद उपचुनाव आवश्यक हो गए थे।

इसके अलावा, 47 से अधिक विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव होंगे। इन चुनावों से देश के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और राजनीतिक दलों की तैयारियों को लेकर कड़ी परीक्षा होगी।

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