
वाराणसी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उद्योगपति दीनानाथ झुनझुनवाला के जौनपुर और वाराणसी के नाटी ईमली स्थित आवास एवं अन्य व्यावसायिक ठिकानों पर शुक्रवार को छापेमारी की। इस दौरान किसी को भी आवास एवं प्रतिष्ठानों में आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई। ईडी के अधिकारियों ने कई घंटों तक विभिन्न दस्तावेज, कम्प्यूटर और लैपटाप को खंगाला। छापेमारी में स्थानीय पुलिस का सहयोग नहीं लिया गया।
सूत्रों ने बताया कि ईडी ने यह कार्रवाई बैंक लोन धोखाधड़ी के मामले में की है। छापेमारी में झुनझुनवाला परिवार और उनके व्यवसाय प्रबंधन से जुड़े लोगों के मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी टीम ने अपने कब्जे में ले लिया। झुनझुनवाला के वाराणसी स्थित आवास पर 15 से अधिक अधिकारियों की टीम ने बैंक लोन से जुड़ी फाइलों और कंपनी की संपत्तियों के ब्यौरा को भी देखा।
बैंक लोन धोखाधड़ी के मामले में 2020 में मुकदमा दर्ज हुआ था। बैंक लोन धोखाधड़ी में जेवीएल एग्रो लिमिटेड समूह के मालिक दीनानाथ झुनझुनवाला के वाराणसी के नाटी इमली, सारनाथ, सिंधौरा रोड एवं जौनपुर और बिहार की फैक्ट्रियों पर छापेमारी हुई। बैंक आॅफ बड़ौदा सहित अन्य बैंकों से जेवीएल एग्रो लिमिटेड समूह ने ऋण लिया था जिसे लौटाया नहीं गया। करीब पांच साल से बैंकों की ओर से कंपनी पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2019 में सीबीआई ने भी दीनानाथ के आवास एवं कार्यालय पर छापेमारी की थी।
बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने यह छापेमारी मनी लांड्रिंग के मामले में की है। असिस्टेंट डायरेक्टर के नेतृत्व में एक दर्जन से ज्यादा अफसर झुनझुनवाला के आवास और आॅयल मिल में दस्तावेज खंगाल रहे हैं। वहीं झुनझुनवाला के उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, दिल्ली समेत 10 ठिकानों पर छानबीन चल रही है।
2019 में सीबीआई ने की थी छापेमारी
मालूम हो कि इससे पहले पांच नवंबर 2019 सीबीआई ने आशापुर स्थित फैक्ट्री व नाटी इमली आवास पर छापेमारी की गई थी।सीबीआई ने यह छापेमारी ने बैंकों से लगभग सात हजार करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में दर्ज 35 मुकदमों को लेकर की थी। इसके अलावा 2013 में आयकर विभाग ने छापेमारी की थी।
बिक चुकी है फैक्ट्री
आशापुर स्थित झुनझुनवाला ने अपनी फैक्ट्री कुछ साल पहले ही रुद्रा हाउसिंग को बेच दिया था। झुनझुनवाला यूपी और बिहार में मशहूर वनस्पति तेल के उद्योगपति हैं। झूला ब्रांड डालडा वनस्पति, तेल मार्केट में बेचा जाता है।
बिहार से आए बनारस : बताया जा रहा है कि झुनझुनवाला मुख्यत: बिहार में भागलपुर के रहने वाले हैं। 17 नवंबर 1989 को इन्होंने झुनझुनवाला वनस्पति लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई और का कारोबार शुरू किया।
