
रांची। झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक की सरायकेला शाखा में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह झारखंड और ओडिशा में सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। ईडी की अलग-अलग टीमें केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ संबंधित परिसरों में पहुंचीं और पीएमएलए की धारा 17 के तहत तलाशी एवं जब्ती की कार्रवाई शुरू की।



बताया जा रहा है कि ईडी की यह कार्रवाई कारोबारी संजय कुमार डालमिया और बैंक के तत्कालीन अधिकारियों-कर्मचारियों से जुड़े परिसरों में की जा रही है। तलाशी के दौरान बैंकिंग दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, लेन-देन से संबंधित कागजात और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा टीम डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
फर्जी तरीके से राशि हस्तांतरण का आरोप
मामला झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक की सरायकेला शाखा से कथित तौर पर फर्जी तरीके से राशि हस्तांतरण और ऋण खातों के निपटारे से जुड़ा है। पुलिस इस मामले की जांच लंबे समय से कर रही थी। जांच में आरोप लगाया गया है कि संजय कुमार डालमिया ने तत्कालीन बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कथित मिलीभगत कर बैंक की विभिन्न शाखाओं से अपने, अपने भाई और एक कर्मचारी से जुड़े खातों में राशि स्थानांतरित कराई।
जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, 3 और 6 जून 2017 को करीब 4.14 करोड़ रुपये की राशि कथित तौर पर फर्जी तरीके से निकाली गई थी। आरोप है कि इस रकम के एक हिस्से का इस्तेमाल डालमिया के पुराने ऋण खाते को बंद करने में किया गया।
2019 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले में 22 अगस्त 2019 को सरायकेला थाने में करीब 38 करोड़ रुपये के कथित गबन को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एफआईआर में कारोबारी संजय कुमार डालमिया के अलावा बैंक के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया था।
आरोपियों में तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सतपति, सहायक मदन लाल प्रजापति, तत्कालीन प्रबंधक वीरेंद्र कुमार, क्षेत्रीय कार्यालय चाईबासा के तत्कालीन एजीएम, लेखाकार शंकर बंदोपाध्याय, तत्कालीन एमडी मनोजनाथ शाहदेव, मुख्यालय के तत्कालीन एजीएम संदीप सेन और सीईओ बृजेश्वर नाथ समेत अन्य के नाम शामिल हैं।
पुलिस जांच और इसके बाद हुई कानूनी कार्रवाई में कुछ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है। अब ईडी ने पीएमएलए के तहत ईसीआईआर दर्ज कर कथित अपराध से अर्जित रकम, उसके लेन-देन और इस्तेमाल की जांच शुरू की है। शुक्रवार को हुई छापेमारी के दौरान ईडी की टीमों द्वारा बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

