
रांची। कांके प्रखंड के चामा मौजा में जमीन घोटाला के मामले में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी रांची की टीम ने मंगलवार को दिल्ली व रांची से जुड़े नौ ठिकानों पर छापेमारी की।ये ठिकाने कांके रिजार्ट के मालिक ब्रजेश कुमार सिंह उर्फ बीके सिंह व जमीन माफिया कमलेश व उसके सहयोगियों से जुड़े हैं। इनमें तीन दिल्ली व छह रांची के विभिन्न इलाकों में हैं। छापेमारी में ईडी को ब्रजेश कुमार सिंह के रिश्तेदार गुंजन सिंह के ठिकाने से करीब 25 लाख रुपये नकदी मिलने की सूचना है। इसके अलावा बड़ी संख्या में जमीन से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल उपकरण आदि मिले हैं, जिसकी छानबीन चल रही है।
रांची में बीके सिंह के कांके रिजार्ट में भी ईडी के अधिकारियों ने छापेमारी की और दस्तावेज खंगाले। उनके सहयोगी जमीन कारोबारी अनिल झा द्वारा संचालित दुर्गा डेवलपर के कडरू स्थित कार्यालय में भी ईडी ने छापेमारी की। सुखदेवनगर इलाके के एक बिल्डर के यहां भी ईडी की टीम पहुंची थी।ईडी ने जमीन माफिया कमलेश के विरुद्ध वर्ष 2023 में दर्ज ईसीआइआर में यह छापेमारी की है। ईडी ने तब कमलेश के विरुद्ध गोंदा व कांके थाने में अवैध तरीके से जमीन पर कब्जा व जालसाजी मामले में दर्ज अलग-अलग चार कांडों को अपने ईसीआइआर में जोड़ा था।26 जुलाई 2024 को जमीन माफिया कमलेश को गिरफ्तार किया गया था। वह अभी जमानत पर जेल से बाहर है।
ईडी ने पीएमएलए की विशेष अदालत में जमीन माफिया कमलेश कुमार उर्फ कमलेश कुमार सिंह, कांके के अंचलाधिकारी जयकुमार राम (अब मृत), पूर्व अंचलाधिकारी दिवाकर द्विवेदी सहित छह के विरुद्ध गत वर्ष चार्जशीट दाखिल की थी।
सभी आरोपितों पर एक आपराधिक साजिश के तहत फजीर्वाड़ा कर कांके अंचल क्षेत्र में आदिवासी, भुइंहरी व सरकारी प्रकृति की जमीन को फर्जी दस्तावेज पर जनरल बनाकर कब्जा करने, खरीद-बिक्री करने का आरोप है। कमलेश व उसके सहयोगियों पर कांके अंचल क्षेत्र में 140 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा करने व करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।उस पर कांके के पूर्व अंचलाधिकारी जयकुमार राम के साथ मिलकर एनआइसी सर्वर से आनलाइन म्यूटेशन के रिकार्ड मिटाने का भी आरोप है। इनमें से 20 रिकार्ड को ईडी ने रीकवर कर लिया था। ये दस्तावेज कांके मौजा के 140 एकड़ जमीन से संबंधित थे।
