
रांची। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, झाखंड और झासा सहित विभिन्न चिकित्सक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ शुक्रवार को बैठक हुई। इस बैठक में चिकित्सकों की अधिसंख्य मांगों पर सहमति बनी।
बैठक में चिकित्सकों की प्रोन्नति, निजी अस्पतालों के पंजीकरण, प्रमाणन और रेजिडेंट डाक्टरों की प्रोत्साहन राशि सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए। बैठक में अधिसंख्य मांगों पर सहमति बनने के बाद चिकित्सकों ने 22 अक्टूबर से प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित करने की घोषणा की। बैठक में निजी चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण से संबंधित क्लिनिकल ईस्टैब्लिशमेंट रूल्स में आवश्यक संशोधन करने का निर्णय लिया गया। इस नियमावली में संशोधन कर चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 30 और शहरी क्षेत्रों में 40 बिस्तरों की अनिवार्यता पर सहमति बनी।
इसके लिए अगले दो माह में प्रस्ताव कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। चिकित्सा संस्थानों के पंजीकरण एवं प्रमाणन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो लागू करने की मांग भी स्वीकार कर ली गई। चिकित्सकों की मांगों पर कार्रवाई के लिए विभाग के स्तर पर एक समन्वय समिति गठित की जाएगी जो मांगों को लागू करने से संबंधित विषयों पर अग्रेतर कार्रवाई करेगी। बैठक में सहमति बनने के बाद चिकित्सकों ने फिलहाल हड़ताल पर नहीं जाने की बात कही।
कहा गया छठ पूजा के बाद एक बार फिर से बैठक होगी, जिस पर अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में विभाग की विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला तथा चिकित्सक संघों से डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, डॉ. योगेश गंभीर, डॉ. मृत्युंजय सिंह, डॉ. विमलेश कुमार सिंह, डॉ. शंभू प्रसाद सिंह आदि उपस्थित थे।

