
पटना। बिहार सरकार ने राज्य की अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्कता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बैंकॉक (थाईलैंड) के बीच नॉन-स्टॉप हवाई सेवा शुरू करने के लिए इंडिगो एयरलाइंस का चयन किया गया है। यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। बैठक में 13 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। बैठक में अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत गया जिले के डोभी स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) के लिए जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के एक प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने मेसर्स इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) की एकल निविदा को नामांकन के आधार पर मंजूरी देते हुए व्यवहार्यता अंतर निधि के तहत अधिकतम एक वर्ष के लिए 10 करोड़ 40 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि इस नई अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा के शुरू होने से बिहार, खासकर बोधगया आने वाले विदेशी पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
थाईलैंड से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं बोधगया
थाईलैंड से हर वर्ष बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु भारत के बौद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए आते हैं, जिनमें बोधगया का विशेष महत्व है। सीधी उड़ान शुरू होने से बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, परिवहन, आतिथ्य, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार समेत कई क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह पहल बिहार को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने में सहायक मानी जा रही है।
डोभाी में जलाश्य का निर्माण के लिए 428 करोड़ : मंत्रिमंडल ने अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत डोभी स्थित आइएमसी के लिए जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जलाशय निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यह परियोजना भारत सरकार द्वारा पूर्वी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर के साथ विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
आईएमसी में प्रस्तावित उद्योगों की जल आवश्यकता का आकलन नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनआईसीडीसी) द्वारा किया गया है। प्रारंभिक चरण में 8.5 एमएलडी तथा भविष्य में कुल 19 एमएलडी जल की आवश्यकता आंकी गई है। इसके लिए प्रतिवर्ष लगभग 8.5 एमसीएम पानी की जरूरत होगी। 8.5 एमसीएम भंडारण क्षमता वाले जलाशय के निर्माण के लिए लगभग 324 एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई है। इसके लिए 428 करोड़ रुपए की भी मंजूरी दी है।
सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए आईजी का एक पद सृजित : मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा सूचना तंत्र को विकसित करने के उद्देश्य से विशेष शाखा के तहत पुलिस महानिरीक्षक (आईजी बॉर्डर) के एक नए पद के सृजन का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। नए पद के सृजन से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी होगी तथा खुफिया सूचनाओं के संग्रह, विश्लेषण और समन्वय को मजबूती मिलेगी।
