
नई दिल्ली। अगले तीन सालों में पूरे देश से ड्रग्स के कारोबार के इकोसिस्टम को ध्वस्त करने का रोडमैप तैयार हो गया है। गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नार्को-कोआर्डिनेशन सेंटर (एनकोर्ड) की 10वीं शीर्ष स्तरी. बैठक में एनसीबी द्वारा तैयार विजन डॉक्यूमेंट आन नार्कोटिक्स कंट्रोल (2026-2029) जारी किया, जिसमें तीन साल का पूरा रोडमैप है।शाह ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्राय की नीति पर चलते हुए ड्रग्स के स्रोत से लेकर किनपिन तक उसके पूरे तंत्र की खत्म करने पर जोर दिया। रोडमैप में मिशन मोड पर अभियान चलाकर 100 प्रमुख अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संगठित सिंडिकेट को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। एक साल बाद रोडमैप की समीक्षा की जाएगी।अमित शाह के अनुसार एनसीबी के विजन डॉक्यूमेंट का उद्देश्य सीमा पार तस्करी के साथ-साथ देश के भीतर बनने वाले सिंथेटिक ड्रग्स, उनके सप्लाई का डार्कनेट नेटवर्क और नए खतरों से निपटने के लिए एजेंसियों की क्षमता कौ मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि अगले तीन साल में ड्रग्स के कारोबार के पूरे इकोसिस्टम पर अगले तीन वर्षों में ऐसा प्रहार करेंगे कि यह दशकों तक उठ नहीं पाएगा। इस अभियान के दौरान ड्रग्स के कारोबारियों के खिलाफ कठोर और पीड़ित युवाओं के प्रति सहानुभूति का रवैया रखना होगा। शाह ने कहा कि ड्रग्स के इकोसिस्टम को ध्वस्त करने के लिए इसके आरोपियों के खिलाफ अदालती कार्यवाही तेज कर जल्द सजा दिलाना और ड्रग्स से हुई काली कमाई को फ्रीज और सीज करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

