
रांची। सर…चार दिनों से मेरी बेटी ने कुछ खाया नहीं है। वह तड़प रही है… उसे बचा लीजिये…। मैंने जेवर बेचकर अब तक बच्ची का इलाज करवाया है…सर प्लीज… वीणा देवी कुछ इस तरह से उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के जनता दरबार में फरियाद लगा रही थी। उसकी बातें सुन लोग दहल गए। बीमार बच्ची के इलाज के लिए एक मां की फरियाद पर तुरंत एक्शन लेते हुए उपायुक्त मंजूनाथ ने सिविल सर्जन से बात की। सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि बच्ची का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत संभव है।
उपायुक्त के निर्देश पर तुरंत आयुष्मान कार्ड बनवाकर बच्ची के इलाज की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। यह मामला समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में सोमवार को आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त के समक्ष पहुंचा। उपायुक्त द्वारा प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए मौके पर ही समाधान अथवा संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इससे कई लोगों ने राहत की सांस ली।
मांडर प्रखंड के बंझिला टोला से आयी महिलाओं ने सेविका पर सत्यापन में गड़बड़ी और शिकायत नहीं करने के एवज में पैसे का आफर करने का आरोप लगाया। उपायुक्त ने इस पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी से सेविका को शोकाज करने का निर्देश दिया। साथ ही, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा को सभी संबंधित मामलों की जांच कर निष्पादन करने का आदेश दिया। जनता दरबार के दौरान मंईयां सम्मान योजना से संबधित और भी शिकायतें आईं जिस पर उपायुक्त द्वारा सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा को जांच कर निष्पादन का निर्देश दिया गया।
अनगड़ा प्रखंड के हेसल पंचायत की मुखिया ने बार बार आवेदन समर्पित करने के बाद भी खाता संख्या में सुधार न किये जाने की शिकायत की। दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद उपायुक्त ने अनगड़ा सीओ और कर्मचारियों को शोकाज करने का निर्देश दिया गया।
