
वाराणसी। भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज ने बुधवार को अपनी जिंदगी की नई पारी की शुरूआत करते हुए अक्षिता राज के साथ विवाह के सात फेरे लिए। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में आयोजित यह विवाह समारोह बेहद भव्य और आकर्षक रहा। नदेसर स्थित ताज ग ताज गैंगेस होटल में संपन्न हुए इस समारोह में परिवार, रिश्तेदारों और करीबी मित्रों सहित लगभग 300 से ज्यादा मेहमान शामिल हुए। आकाशदीप बिहार के सासाराम स्थित अपने पैतृक आवास से बारात लेकर वाराणसी पहुंचे। बारात रवाना होने से पहले उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से पंडित धीरेंद्र शास्त्री और सद्गुरू रामभद्राचार्य का आशीर्वाद लिया। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बारात निकाली गई।सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में आकाशदीप शाही अंदाज में सेहरा बांधे नजर आए। बारात के दौरान बैंड-बाजे और डीजे की धुनों पर उन्होंने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ जमकर डांस भी किया। रात करीब साढ़े दस बजे बारात होटल पहुंची, जहां आतिशबाजी और पारंपरिक स्वागत के साथ मेहमानों का अभिनंदन किया गया। होटल परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। कैंट पुलिस के जवानों के अलावा निजी सुरक्षा कर्मियों की भी तैनाती की गई थी।मेहमानों की क्यूआर कोड से एंट्री: समारोह में प्रवेश के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। सभी आमंत्रित मेहमानों को मोबाइल फोन पर क्यूआर कोड भेजा गया था और उसी को स्कैन करने के बाद उन्हें प्रवेश दिया गया। विवाह समारोह का मुख्य आकर्षण शिव मंदिर थीम पर तैयार किया गया भव्य मंडप रहा। काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखते हुए मंडप को विशेष रूप से सजाया गया था। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच काशी के विद्वान पंडितों ने विवाह की रस्में संपन्न कराईं। द्वार पूजा के बाद अक्षिता राज ने आकाशदीप को वरमाला पहनाई और फिर दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए।पवन सिंह ने आकाशदीप और अक्षिता को दिया आशीर्वाद : दूल्हे आकाशदीप क्रीम रंग की शेरवानी, साफा और लाल दुपट्टे में बेहद आकर्षक दिख रहे थे, जबकि दुल्हन अक्षिता राज लाल रंग के भारी कढ़ाईदार लहंगे में नजर आईं। समारोह में भोजपुरी गायक पवन सिंह भी पहुंचे और नवदंपति को शुभकामनाएं दीं। इससे पहले मंगलवार को सासाराम में हल्दी की रस्म आयोजित की गई थी, जिसमें परिवार के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। काशी में संपन्न यह शाही विवाह समारोह परंपरा, संस्कृति और आधुनिक व्यवस्थाओं का सुंदर संगम बनकर सभी के लिए यादगार बन गया।

