
नई दिल्ली। बिहार में बदलते राजनीतिक समीकरण और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेने के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज होने के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को रविवार को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इसके लिए आज से कल के बीच कभी भी पटना आ सकते हैं।भाजपा संसदीय बोर्ड ने चौहान को बिहार में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने आधिकारिक पत्र जारी कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार में विधायक दल के नेता के चयन की प्रक्रिया पार्टी नेतृत्व के निर्देशानुसार पूरी की जाएगी। भाजपा के इस फैसले को बिहार में नई सरकार के गठन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।एक निजी टीवी न्यूज चैनल ने दावा किया है कि 15 अप्रैल को बिहार के नए मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ले लेंगे। वहीं इसी बीच ये भी चर्चा है कि सम्राट चौधरी सीएम पद की रेस में आगे चल रहे हैं। लेकिन उनके साथ कई और नाम भी हैं। भारतीय जनता पार्टी के बिहार में विधायक दल का नेता चुनने के लिए सेंट्रल आॅब्जर्वर की नियुक्ति के बाद ये तय हो गया है कि बिहार में मुख्यमंत्री चुनने को लेकर जो भी नाम सामने आ रहे थे, वो कयास ही थे। असल में सीएम का चुनाव अब होगा। विजय चौधरी ने कह ही दिया है कि ये चुनाव करना बीजेपी का काम है।एनडीए में इस बात की सभी घटक दलों के बीच चर्चा है कि अगला सीएम कौन होगा? इसके लिए कई दिनों से चर्चा में सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, श्रेयसी सिंह, संजय जायसवाल, लखींद्र पासवान, दिलीप जायसवाल, नित्यानंद राय के अलावा कई और लोगों के नाम की अफवाह उड़ रही है। लेकिन ठोस और पुष्ट जानकारी किसी के पास नहीं थी। अब ये तय हो गया है कि 2 से 3 दिन के अंदर शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में बिहार का नया मुख्यमंत्री चुन लिया जाएगा।




