रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के साथ ही महागठबंधन की गलतफहमी दूर हो चुकी है। अब यह तय माना जा रहा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस एक-एक सीट पर चुनाव लड़ेगी। दोनों दलों ने अपनी-अपनी ओर से एक-एक उम्मीदवार का नाम घोषित भी कर दिया है। कांग्रेस ने जहां प्रणव झा को अपना उम्मीदवार बनाया है वहीं, झामुमो ने पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम को उतारा है। कांग्रेस के उम्मीदवार केंद्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पसंद हैं और उन्हें राज्यसभा भेजने के लिए पार्टी ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।

लंबे समय से खरगे के राजनीतिक सलाहकार रहे प्रणब झा की जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने पूरी ताकत लगा दी है। पहले तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क आकर मिले और फिर शनिवार को केंद्रीय महासचिव भूपेश बघेल और अजय शर्मा को भेजा गया। भूपेश बघेल और अजय शर्मा लगभग दो घंटे तक मुख्यमंत्री से बात करने के बाद बाहर निकले तो उनके चेहरे पर संतुष्टि और बोली में विश्वास का भाव स्पष्ट रूप से दिख रहा था।

भूपेश बघेल ने सीएम आवास के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि महागठबंधन दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेगा। कहीं कोई गलतफहमी नहीं है।

पर्यवेक्षक बनाकर झारखंड भेजे गए अजय शर्मा ने झामुमो के कुछ नेताओं की ओर से भावनाओं के आहत होने की बात पर कहा कि दलगत राजनीति में किसी भी भावना से ऊपर नेता का निर्णय होता है और राज्य में वही होगा जो कांग्रेस और झामुमो का नेतृत्व तय करेगा। दोनों सीट महागठबंधन के उम्मीदवारों की झोली में आएगी।

कांग्रेस नेताओं ने किया भव्य स्वागत
राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाए गए भूपेश बघेल और अजय शर्मा का रांची एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकतार्ओं ने भव्य स्वागत किया।

यहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, राज्य सरकार में कांग्रेस कोटे के मंत्री राधाकृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, बंधु तिर्की, राजीव रंजन प्रसाद, आदित्य विक्रम जायसवाल, आलोक दुबे आदि दर्जनों नेता मौजूद थे।

उत्साहित कार्यकतार्ओं ने बघेल और शर्मा जिंदाबाद के नारे भी लगाए। यहां कांग्रेस नेताओं ने इस बात के संकेत दिए कि पार्टी पूरी गंभीरता से चुनाव लड़ेगी।

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