
नयी दिल्ली: भारत की कुल बिजली उत्पादन क्षमता में कोयले की हिस्सेदारी 1960 के दशक के बाद पहली बार 2024 की पहली तिमाही में 50 प्रतिशत से कम रही।
इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (आईईईएफए) की नवीनतम ‘पावरअप’ त्रैमासिक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 2024 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में रिकॉर्ड 13,669 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 71.5 प्रतिशत थी।
