
रांची। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते के विरुद्ध सीआईडी को लगातार नई-नई जानकारियां मिल रहीं हैं।
टीडीपीएल के बाद अब एक दूसरी नई एजेंसी बिंसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड का मामला सामने आया है, जिसके निदेशक अरुण कुमार उर्फ अरुण शर्मा को रांची पुलिस ने रांची के नामकुम के एक केस में मुंबई से गिरफ्तार की थी और सोमवार को उसे लेकर रांची पहुंची थी। बिंसिस को भी जेपीएससी में काम दिलाने के एवज में एल. खियांग्ते ने दो करोड़ रुपये में सौदा किया था और काम के बदले एजेंसी को होने वाले भुगतान में 20 प्रतिशत कमीशन दिलाना तय हुआ था।
यह डील भी मुख्य सचिव के आवासीय कार्यालय के कंप्यूटर आॅपरेटर धर्मेंद्र कुमार ने ही कराई थी। प्रारंभिक पूछताछ में अरुण कुमार ने यह जानकारी रांची पुलिस को दी है।
अब सीआईडी बुधवार से जेपीएससी मेधा घोटाला केस में अरुण कुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने जा रही है। सीआईडी ने धर्मेंद्र कुमार को पांच दिनों की रिमांड पर ले लिया है और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। सीआईडी ने अनुसंधान में जालसाजी, अनियमितता व मेधा घोटाले के पूरे सिंडिकेट का चेहरा बेनकाब करना शुरू कर दिया है। कंप्यूटर आॅपरेटर धर्मेंद्र कुमार का एल. खियांग्ते से बेहतर संबंध था।
धर्मेंद्र ही प्रत्येक एजेंसियों के चयन में बिचौलिया की भूमिका निभाता था और डील तय कराता था। अब सीआईडी यह जानकारी जुटाएगी कि बिंसिस टेक्नोलॉजी को जेपीएससी में कौन सा काम मिला था और उसके माध्यम से कितने रुपये की लेन-देन हो चुकी थी, कौन-कौन हिस्सेदार थे और कैसे पूरा खेल हुआ था। सिंडिकेट के अन्य सदस्यों-साथियों के बारे में भी सीआईडी जानकारी जुटाएगी।
रांची पुलिस ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के माध्यम से संचालित कनीय अभियंता (डिप्लोमा) परीक्षा के पेपर लीक मामले में रांची के नामकुम थाने में दर्ज केस में बिंसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के चिक्सौरा थाना क्षेत्र के खोखुना का रहने वाला है। जेएसएससी की उक्त परीक्षा की संचालन एजेंसी बिंसिस टेक्नोलॉजी ही थी। उपरोक्त पद पर कुल 1279 पदों के लिए 03 जुलाई 2022 को प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की गई थी।
परीक्षा की प्रथम पाली की परीक्षा शुरू होने के पूर्व ही उत्तर वायरल होने पर पेपर लीक का मामला सामने आया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जेएसएससी की परीक्षा को रद घोषित कर दिया गया था। एक अभ्यर्थी मिथिलेश कुमार महतो की शिकायत पर नामकुम थाने में 14 जुलाई 2022 को कांड संख्या 227/22 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अनुसंधान में पेपर लीक की पुष्टि हुई। ज्ञात हुआ कि परीक्षा का संचालन बिंसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड तथा पेपर लीक के सिंडिकेट ने पटना के अभ्यर्थियों को प्रश्नोत्तर रटवाया था।
छानबीन में एजेंसी बिंसिस टेक्नोलॉजी व उसके संचालक की संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं। अनुसंधान के दौरान पूर्व में परीक्षार्थी सह प्राथमिकी अभियुक्त रंजीत मंडल, अप्राथमिकी अभियुक्त सह सिंडिकेट सदस्य दीपक कुमार, अभिषेक कुमार, दीपक श्रीवास्तव व परीक्षा संचालन एजेंसी के सीनियर मैनेजर कृष्ण कुमार को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अब रांची पुलिस ने एजेंसी के निदेशक अरुण कुमार को गिरफ्तार किया है। इस केस में शामिल अन्य चिह्नित व फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

