गुमला। झारखंड शिक्षा परियोजना ने नगर भवन गुमला में जिला स्तरीय मुखिया सम्मेलन किया, जिसमें शिक्षा और विकास के महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, विशिष्ट अतिथिमें पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी मोहम्मद बेलाल अहमद, जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा, उपाध्यक्ष संयुक्त देवी, उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महत्तो, एसडीओ सदर राजीव नीरज, एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, एसडीओ बसिया जयवंती देवगम, डीसीएलआर राजीव कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खान, जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीएसपी गुमला सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

एसपी शंभू कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समाज को एक नई दिशा में ले जाना होगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में मानव तस्करी, नशापान और डायन प्रथा को रोकने के लिए मुखिया ग्रामीणों को करें जागरूक। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि गांवों और टोलों में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि किसी भी नागरिक को सरकारी योजनाओं की जानकारी होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने मुखियाओं को केवल ग्रामीण विकास तक सीमित न रहते हुए अन्य व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर योग्य बच्चों को कस्तूरबा गांधी विद्यालय में नामांकन दिलाने और जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मुखिया की भूमिका अहम है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं को समझें और उनके क्रियान्वयन में सहयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर शिक्षा में सुधार हेतु मुखियाओं को अग्रणी भूमिका निभानी होगी और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए सतत प्रयास करने होंगे। जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी मोहम्मद बेलाल अहमद ने लड़कियों की शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि एक लड़की को शिक्षित करने का अर्थ है आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाना। कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त गुमला, जिला परिषद उपाध्यक्ष और एसडीओ सदर ने भी अपने विचार रखे और शिक्षा को समाज की रीढ़ बताते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से इसे मजबूत करने का आह्वान किया। सम्मेलन में भाग लेने वाले कई मुखियाओं ने अपने अनुभव साझा किए और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 38 मुखियाओं को सम्मानित किया गया।

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