
सिवान। चुनावी आचार संहिता उल्लंघन के करीब 15 साल पुराने मामले में राजद सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव शुक्रवार को सीवान न्यायालय में पेश हुए। एसीजेएम-1 की अदालत में हुई पेशी के दौरान न्यायालय ने उनके खिलाफ आरोप गठित कर दिया। अब मामले में आगे गवाहों की गवाही की प्रक्रिया शुरू होगी।



आठ अक्तूबर 2011 को लाल यादव दारौंदा विधानसभा क्षेत्र से राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। उस समय लालू यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद बिना प्रशासनिक अनुमति के लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर चुनावी सभा आयोजित की गयी और भाषण दिया था।
इस मामले में दारौंदा के तत्कालीन अंचलाधिकारी शंकर महतो ने लालू प्यादव और राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के खिलाफ दारौंदा थाने में कांड संख्या 146/11 दर्ज कराया था। पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायालय ने दोनों के खिलाफ संज्ञान लिया था। हालांकि, बाद में मामले के दूसरे आरोपी परमेश्वर सिंह का निधन हो गया, जबकि लालू प्रसाद यादव के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया जारी रही।
बताया जाता है कि लगातार न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण लालू यादव के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद कुर्की की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया था। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से अदालत में उपस्थित नहीं हो पाने की दलील के बाद कुर्की की कार्रवाई का आदेश स्थगित कर दिया गया था।
न्यायालय में पेशी के बाद लालू यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के आवास पर भोजन किया। इसके बाद वे रघुनाथपुर विधायक ओसामा शहाब के आवास पहुंचे, जहां पूर्व लोकसभा प्रत्याशी हिना शहाब से औपचारिक मुलाकात की। मुलाकात के बाद वे पटना के लिए रवाना हो गये।

