रांची। जेपीएससी-जेएसएससी मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से सीबीआई जांच के बजाय विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा को जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने कहा छात्रों को सिर्फ लॉलीपॉप थमाया गया है। मंच के नेतृत्वकर्ता राधे कुमार ने मंगलवार को जयपाल सिंह स्टेडियम में कहा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

राधे कुमार ने कहा कि सरकार सीबीआई जांच की मांग से लगातार पीछे हट रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सीजीएल परीक्षा से नौकरी पाने वाले कर्मी भी पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, सोशल मीडिया में संबंधित कई तरह के बयान आ रहे हैं। ऐसे में सरकार को जांच कराने में किस बात का डर लग रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई जांच होने पर परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। उन्होंने दावा किया कि नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर मोटी रकम लेने वाले लोगों की भी जांच में पहचान हो सकती है। इसी कारण सरकार सीबीआई जांच से पीछे हट रही है।

राधे कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा से विवाद खत्म नहीं होगा। असली सवाल परीक्षा में कथित गड़बड़ी, जिम्मेदार लोगों और पूरे नेटवर्क की पहचान का है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि जब मामले की जांच की मांग लगातार उठ रही है तो सीबीआई जांच कराने से परहेज क्यों किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पूर्व में भी आंदोलन का मुख्य मुद्दा सीजीएल सहित पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच रहा है। मंच इस मांग पर पीछे नहीं हटेगा और आंदोलन को आगे भी जारी रखेगा।

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