
रांची: बोकारो जिले के तेतुलिया मौजा में करीब 107 एकड़ वन भूमि की फर्जी खरीद-फरोख्त के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राजबीर कंस्ट्रक्शन के संचालक विमल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में यह सीआईडी की चौथी गिरफ्तारी है।
बताया गया है कि विमल अग्रवाल, राजबीर कंस्ट्रक्शन के दूसरे संचालक पुनीत अग्रवाल के भाई हैं। सीआईडी इससे पहले पुनीत अग्रवाल को 14 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर चुकी है। इस केस में विमल अग्रवाल भी आरोपी थे। सर्वोच्च न्यायालय से उनकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया है कि अग्रवाल बंधुओं ने इस जमीन के एवज में उमायुष मल्टीकाम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को करीब 3 करोड़ 40 लाख रुपये का भुगतान किया था। इससे पहले सीआईडी ने इसी मामले में इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन को भी गिरफ्तार किया था।
सीआईडी की जांच में यह भी पुष्टि हो चुकी है कि तेतुलिया मौजा की उक्त वन भूमि की खरीद-बिक्री फर्जी दस्तावेजों के आधार पर की गई थी। वर्ष 2021 में इजहार हुसैन और अख्तर हुसैन ने यह जमीन उमायुष मल्टीकाम प्राइवेट लिमिटेड को करीब 10.3 करोड़ रुपये में बेच दी थी, जबकि उस समय जमीन का सर्किल रेट लगभग 23 करोड़ रुपये था।
इस पूरे मामले को लेकर वन विभाग ने सीजेएम बोकारो की अदालत में याचिका दायर की थी। अदालत के आदेश पर सेक्टर-12 थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में सीआईडी ने इस मामले को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की और जांच के दौरान अग्रवाल बंधुओं को भी आरोपी बनाया गया।
