रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को सत्र शुरू होने से पहले भाजपा विधायकों ने रोजगार मुद्दे को लेकर सदन के बाहर बैनर-तख्ती लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही सदन के अंदर भी रोजगार मुद्दे को लेकर हंगामा किया। भाजपा विधायकों ने हेमंत सोरेन सरकार को पांच लाख युवाओं को नौकरी देने के वादे को लेकर घेरा। भाजपा विधायकों ने कहा कि हेमंत सोरेन ने चुनावी भाषण में कहा था कि पांच लाख नौकरी देंगे। साढ़े चार हो गये, इस वादे का क्या हुआ। आंगनबाड़ी सेविका सहाय के रसोइयां परमानेंट क्यों नहीं हुए, इसका जवाब हेमंत सोरेन दें।

नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने कहा कि सरकार को झारखंड की कोई चिंता नहीं है। सिर्फ वह अपनी दृष्टिगत कारणों से राजनीति को मजबूत करने में लगी हुई है। राज्य के सारे कर्मचारी हड़ताल पर हैं और विधानसभा चल रहा है। इससे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति क्या हो सकती है। आरक्षण को समाप्त किया जा रहा है। एससी-ओबीसी का आरक्षण, चौकीदार की बहाली, रेंजर की बहाली को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है, जो लोग संविधान की कॉपियां लेकर आरक्षण और संविधान के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे थे, आज उनकी सरकार आरक्षण को पूर्ण रूप से समाप्त कर रही है।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर सरकार का जिस तरह से पक्ष आना चाहिए, उस तरह नहीं आ रही है। कर्मचारियों के स्ट्राइक पर जाने के कारण सभी ब्लॉक के काम पड़े हैं। इस सरकार ने कुछ नहीं किया है। हाई कोर्ट ने लैंड सर्वे, पेसा कानून, बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर कड़ी टिप्पणी की और सख्त आदेश दिये लेकिन हाई कोर्ट की सभी बातों को एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देते हैं। झारखंड से जुड़े मुद्दे से इनका कोई वास्ता नहीं है। इनको आनंद तब मिलता है, जब जमानत की बात आती है। तब ही इनकी हाई कोर्ट पर नजर रहती है। बाकी समय यह मौन रहते हैं।

अमर बाउरी के सदन में दिए गए एक बयान से हंगामा शुरू हो गया है। पक्ष और विपक्ष के विधायक वेल में आकर हंगामा करने लगे। दरअसल, प्रदीप यादव और सुदिव्य कुमार सोनू के बयान पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरन को सिर्फ जमानत मिली है, वो बाइज्जत बरी नहीं हुए हैं। इसी के बाद हंगामा शुरू हो गया।

युवाओं और महिलाओं को ठग कर हेमंत सरकार ने सत्ता किया हासिल : भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने कहा कि झारखंड में युवाओं और महिलाओं को ठग कर हेमंत सोरेन ने सत्ता हासिल किया है। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलने को लेकर सवाल किया जायेगा। बिरंची नारायण ने कहा कि इस सरकार ने 2019 में नौजवानों, महिलाओं और शिक्षकों को ठगकर सत्ता प्राप्त किया। हेमंत सरकार ने राज्य के सभी संविदा कर्मी को परमानेंट करने का वादा किया था लेकिन क्या एक भी शिक्षक परमानेंट हुए, होमगार्ड परमानेंट हुए, क्या नौजवानों को आज तक नौकरी मिली, क्या बेरोजगारी भत्ता के रेट को 5000 से 7000 किया गया, क्या आंगनबाड़ी का पेमेंट किया। इन सभी विषयों को लेकर हम धरने पर बैठे हैं।

सरकार ने सबकी आवाजें दबाने की कोशिश की, भाजपा उनकी आवाज बनी : अनंत ओझा ने कहा कि प्रदेश के नौजवान और संविदा कर्मियों की आवाज दबायी गयी है। भाजपा उनकी आवाज बनकर आयी है। ओझा ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार झूठे वादे कर सत्ता में आयी है। सरकार ने नौजवानों को ठगने का काम किया है। सदन के अंदर और बाहर भाजपा सवाल पूछ रही है कि क्या हुआ तुम्हारा वादा। सहायक पुलिसकर्मियों पर लाठीचार्ज करने वाले कौन लोग हैं, किसकी सरकार ने लाठीचार्ज किया।

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