पटना। भोजपुर के शाहपुर में सामाजिक कार्यकर्ता भरत तिवारी के एनकाउंटर के मामले में बिहार पुलिस ने माना कि इस केस में भारी चूक हुई। खास तौर पर शाहाबाद की पुलिस इस मामले को सही तरीके से संभाल ही नहीं पाई। भरत तिवारी एनकाउंटर के केस में ADG लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने आखिरकार माना कि इस केस में भारी गलती हुई। उन्होंने कहा कि शाहबाद पुलिस की इस मामले में बड़ी चूक है। जब पहली बार शाहबाद के SHO अपनी टीम के साथ भरत तिवारी के घर गए थे तब वो उनको सही तरीके से हैंडल ही नहीं कर सके। एक तरह से ADG लॉ एंड ऑर्डर ने माना कि पहली गलती पुलिस टीम की ही थी।

सुधांशु कुमार ने आगे कहा कि ‘लापरवाही के आरोप में एक SHO, दो SI, एक ASI, दो सिपाही को निलंबित किया गया है। अब जो भी बात सामने आई रही है सभी बिंदुओं आरोपों की जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर इस पूरे मामले की जांच शाहबाद DIG को सौंपा गया है विधि वैज्ञानिक रूप से वो सभी बिंदुओं पर वो जांच कर रहे हैं।’।

सुधांशु कुमार ने कहा कि ‘इस मामले की निष्पक्ष जांच पटना उच्च न्यायालय के रिटायर्ड न्यायाधीश की अध्यक्षता में सरकार के द्वारा करवाई जा रही है। इस मामले में अब तक दो FIR दर्ज किया गया है एक का 179/26 और 170/26 है, जिसकी जांच की जा रही है।’ हालांकि ADG ने सफाई भी दी है। उन्होंने कहा कि ‘जब कोई अपराधी पुलिस पर कारवाई के दौरान हमला करता है तो पुलिस जवाबी कारवाई के दौरान आत्मरक्षा में एनकाउंटर करती है, जो कानून के तहत करती है, यह अधिकार कानून से पुलिस को मिला हुआ है।’

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