
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर में एक दुखद घटना घटी है। यहां जय नाम के एक युवक की मौत हो गई है। जय सांपों को बचाने का काम करता था। जय की सांप के काटने से मौत हो गई। उसने पिछले पांच सालों में लगभग दो हजार सांपों को बचाया था। यह विडंबना ही है कि जिस सांप को वह दूसरों के हाथों मरने से बचाता था, उसी सांप ने उसकी जान ले ली।
हरपुर भिंडी का रहने वाला था जय
जानकारी के अनुसार, जय हरपुर भिंडी पंचायत का रहने वाला था। वह कई सालों से सांपों को अपना दोस्त मानता था। पूरे जिले में लोग उसे ‘सर्प मित्र’ के नाम से जानते थे। उसे कहीं से भी सांप निकलने की खबर मिलती, तो वह बिना डरे वहां पहुंच जाता था। वह जहरीले सांपों को भी आसानी से पकड़ लेता था और उन्हें जंगल में सुरक्षित छोड़ देता था।
सांपों को दोस्त मानता था जय
जय को सांपों पर बहुत भरोसा था। वह उन्हें अपना दोस्त मानता था। कई बार वह सांपों के साथ करतब भी दिखाता था। पहले वह रॉड से सांपों को पकड़ता था। लेकिन, धीरे-धीरे उसका आत्मविश्वास इतना बढ़ गया कि उसने बिना छड़ी के ही हाथों से सांप पकड़ना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि उसकी यही गलतफहमी उसकी जान की दुश्मन बन गई।
रेस्क्यू के दौरान कोबरा ने काटा
गुरुवार को गुनाई बसही पंचायत में जय कोबरा सांप का रेस्क्यू करने गया था। लोगों ने उसे सूचना दी थी कि वहां एक विशाल कोबरा सांप निकला है। जय सांप को पकड़ने लगा। उसी दौरान कोबरा ने उसे काट लिया। सांप के काटते ही उसकी हालत बिगड़ने लगी।
सांप बना काल
लोग उसे तुरंत समस्तीपुर सदर अस्पताल ले गए। लेकिन, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इस घटना की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। लोग कह रहे कि उसने कितने जहरीले सांपों को जीवनदान दिया था। लेकिन, वही सांप उसका काल बन गया।
