
रांची। झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता और 2.20 करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर को चार अन्य माओवादियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने तीन एके-47 राइफल, आठ मैगजीन और 288 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
यह कार्रवाई 28 जुलाई की देर शाम धनबाद जिले के बरवड्डा थाना क्षेत्र के जंगलों में चलाए गए संयुक्त अभियान ऑपरेशन दौरा पहाड़ के तहत की गई। अभियान में धनबाद और गिरिडीह पुलिस के साथ सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन के जवान शामिल थे। मिसिर बेसरा पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपये और ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
बुधवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने अभियान की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मिसिर बेसरा के साथ 15 लाख रुपये का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण, एरिया कमेटी सदस्य गौरव उर्फ बिरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ, तथा संगठन के सक्रिय सदस्य मंगल मुर्मू और दिनेश राय को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मिसिर बेसरा तीन दशक से अधिक समय से झारखंड, ओडिशा, बिहार समेत कई राज्यों में माओवादी गतिविधियों का संचालन कर रहा था। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 175 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह संगठन की रणनीति तैयार करने, शीर्ष नेतृत्व का संचालन करने और कई बड़े नक्सली हमलों की साजिश रचने में अहम भूमिका निभाता रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि मिसिर बेसरा पर वर्ष 2001 में हजारीबाग के चुरचू में सीआरपीएफ के 12 जवानों की हत्या, धनबाद के तोपचांची में 13 पुलिसकर्मियों की हत्या, गिरिडीह होमगार्ड शस्त्रागार से 186 रायफलों की लूट, जहानाबाद जेल ब्रेक, पश्चिमी सिंहभूम और चाईबासा क्षेत्र की कई मुठभेड़ों, वर्ष 2022 में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक के अंगरक्षकों की हत्या तथा वर्ष 2025 के आईईडी विस्फोट सहित अनेक बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहने के आरोप हैं।
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 21 मई 2026 को 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था, जबकि 13 जुलाई को 20 लाख रुपये के इनामी रविंद्र गंझू और 17 जुलाई को 25 लाख रुपये के इनामी अजय महतो उर्फ टाइगर को गिरफ्तार किया गया। वहीं 28 जुलाई को 16 अन्य नक्सलियों ने 11 हथियार और 1,562 जिंदा कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया।
पुलिस का कहना है कि लगातार हो रही गिरफ्तारियों, आत्मसमर्पण और संयुक्त अभियानों से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि झारखंड में नक्सल उन्मूलन अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है।
