लखनऊ। योगी सरकार ने अयोध्या को विश्वस्तर पर एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। टाटा संस के सहयोग से अयोध्या में प्रस्तावित विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय के लिए राज्य सरकार ने 25 एकड़ के स्थान पर अब 52.102 एकड़ जमीन नि:शुल्क देने का निर्णय लिया है। इस आशय का प्रस्ताव मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यहां लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूर किया गया। इस बैठक में कुल 19 अहम प्रस्तावों पर मोहर लगी है।

कैबिनेट के निर्णयों के बारे में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि टाटा सन्स ने अपने सीएसआर फंड से एक अत्याधुनिक मंदिर संग्रहालय विकसित करने और उसका संचालन करने की इच्छा व्यक्त की है। इसे कम्पनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी एसपीवी के तहत बनाया जाएगा। इसमें केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। परियोजना के लिए भूमि आवंटन के लिए केन्द्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और टाटा सन्स के बीच त्रिपक्षीय एम्ओयू बीते 3 सितंबर 2024 को हस्ताक्षरित हो चुका है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि पूर्व में प्रदेश सरकार ने अयोध्या के मांझा जमथरा गांव में 25 एकड़ नजूल भूमि टाटा सन्स को 90 वर्षों के लिए उपलब्ध कराने की अनुमति दी थी, लेकिन टाटा संस ने संग्रहालय की भव्यता के दृष्टिगत अधिक भूमि की अपेक्षा की थी। ऐसे में अब इस भूमि के अतिरिक्त 27.102 एकड़ और मिलाकर कुल 52.102 एकड़ भूमि का नि:शुल्क हस्तांतरण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग के पक्ष में किया जाएगा, ताकि इस संग्रहालय और निमार्ण कार्यों का दायरा बढ़ाया जा सके।

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले यूपी के खिलाड़ियों को बड़ी राहतउत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। ऐसे खिलाड़ियों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंपों और संबंधित गतिविधियों में शामिल होने की अवधि और उनके आवागमन के समय को भी ह्यड्यूटीह्ण माना जाएगा। योगी कैबिनेट के इस फैसले से खिलाड़ियों को अनुमति लेने में होने वाली मुश्किलें खत्म हो जाएंगी।

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