
नयी दिल्ली: शेयर बाजार में कथित हेरफेर के लिए एग्जिट पोल का इस्तेमाल किए जाने को लेकर विपक्ष की आलोचनाओं का सामना कर रहे एक्सिस माई इंडिया के प्रमुख प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि वह हर तरह की जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने साथ ही जोड़ा कि अगर सरकार पोल करने वालों के लिए खास नियम बनाती है, तो इससे कारोबार को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। विपक्षी राजनीतिक दलों और कई अन्य संगठनों ने पूंजी बाजार नियामक सेबी और एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के जरिए इस बात की गहन जांच करने की मांग की है कि क्या एग्जिट पोल के जरिए शेयर बाजारों को प्रभावित करने की कोशिश की गई।
एग्जिट पोल में भाजपा को भारी बहुमत मिलने पर शेयर बाजारों में भारी तेजी देखी गई थी, लेकिन वास्तविक परिणामों में सत्तारूढ़ पार्टी को अपने दम पर स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद भारी गिरावट आई।
पीटीआई के मुख्यालय में यहां समाचार एजेंसी के संपादकों के साथ बातचीत में गुप्ता ने कहा कि वह पांच साल से सर्वेक्षण करने वालों के लिए मानदंड और विनियमन तैयार करने की मांग कर रहे हैं।
एक्सिस माई इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक गुप्ता ने भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए 361-401 सीटों की भविष्यवाणी की थी, जबकि वास्तविक संख्या काफी कम रही।
उन्होंने एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाने की मांग को बचकाना करार देते हुए कहा कि हर नागरिक और संगठन चुनाव परिणाम जानना चाहता है और एग्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाने से कोई फायदा नहीं होगा।
गुप्ता ने कहा, ”हमारा शेयर बाजार से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन मुझे इन आरोपों से खुशी हुई, क्योंकि हमारे आंकड़े और कार्य प्रणाली एकदम सही हैं। कोई भी जांच मुझे दुनिया को एग्जिट पोल की भविष्यवाणी करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सभी चीजों को दिखाने का मौका देगी।”
उन्होंने कहा, ”एक तरह से यह हमारे लिए एक अवसर है। मैं मांग का समर्थन करता हूं, क्योंकि इससे हमें अपनी साख दिखाने का मौका मिलेगा।”
यह पूछने पर कि क्या वह जेपीसी या सेबी की जांच के लिए तैयार हैं, उन्होंने कहा, ”मैं हर तरह की जांच का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
उन्होंने कहा, ”जहां तक शेयर बाजार में उछाल से मुझे कोई लाभ मिलने की बात है… एक्सिस माई इंडिया का कोई डीमैट खाता नहीं है। यह एक लिमिटेड कंपनी है, सूचीबद्ध नहीं है। आज तक कंपनी में कोई भी बाहरी निवेश नहीं हुआ है। प्रवर्तकों ने भी कोई निवेश नहीं किया है। अप्रैल से शेयरों में मेरा व्यक्तिगत निवेश मात्र 35,000 रुपये रहा है। मुझे कहां लाभ हुआ?”
