पटना। राजद सुप्रीमो लालू यादव के आॅफर से उपजे सियासी भ्रम को तोड़ने के लिए जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। प्रगति यात्रा के दौरान उन्होंने फिर कहा है कि अब कहीं नहीं जाएंगे और एनडीए में ही रहेंगे। कहा कि दो बार गलती से इधर-उधर चले गए लेकिन अब पुराने साथी के साथ रहेंगे। नीतीश कुमार ने लगातार तीसरे दिन यह लालू यादव के खुले आॅफर पर जवाब दिया है। वैशाली से पहले शनिवार को गोपालगंज, रविवार को मुजफ्फरपुर में यही बयान दिया था। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा पर वैशाली पहुंचे। जनता दल यूनाइटेड(जेडीयू) के प्रदेश अध्यक्ष के इलाका महनार के नगवां गांव से उन्होंने प्रगति यात्रा की शुरूआत की जहां सीएम के स्वागत की खास तैयारी की गयी थी। सीएम ने जिले में 125 योजनाओं का शिलान्यासऔर उद्घाटन किया।

वैशाली जिले के नगवां गांव में भ्रमण के दौरान मीडिया के सवालों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि की दो बार गलती हुई अब सब ठीक कर दिए हैं। अब कहीं नहीं जाना है। हमको पहली बार मुख्यमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेई बनाए थे। इस लिए अब हम पुराने साथियों को नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अटल जी मुझे बहुत मानते थे। केंद्र सरकार में उनके साथ काम किया। जिस डिपार्टमेंट में रहे उसमें हमारा काम जल्दी पूरा होता था। वही चाहते थे कि हम बिहार के मुख्यमंत्री बनें।

इससे पहले रविवार को प्रगति यात्रा पर मुजफ्फरपुर पहुंचे नीतीश कुमार ने बगैर सवाल पूछे कहा कि दो बार पहले गलती हुई कि इधर-उधर चले गए। उनको छोड़ दिया है और पुराने साथी के पास लोट आए हैं। अब उन लोगों के साथ नहीं जाएंगे। लालू यादव और राबड़ी देवी के शासन काल की आलोचना करते हुए कहा कि उस समय शाम में कोई घर से नहीं निलता था। उन लोगों ने महिलाओं के लिए भी कुछ नहीं किया। चार जनवरी (शनिवार) को गोपालगंज में भी नीतीश कुमार ने यह बात कही थी।

बताते चलें कि एक जनवरी को एक चैनल के साथ इंटरव्यू में लालू यादव ने नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन का दरवाजा खुले रखने की बात कही थी। लालू ने कहा था कि नीतीश कुमार आते हैं तो उनके साथ काम करने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन तेजस्वी यादव ने कई बार कहा कि नीतीश कुमार के लिए हमारे दरवाजे बंद हैं।

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