रांची। झारखंड एटीएस दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संयुक्त कार्रवाई में एक संदिग्ध आतंकी अशरफ दानिश को गिरफ्तार किया गया है। लॉज से जब्त सामान चौंकाने वाला है। 23 वर्षीय दानिश पर कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) से जुड़े होने का आरोप है। दानिश मूल रूप से वह बोकारो का रहनेवाला है। उसके साथ रहनेवाले इंटर के छात्र को कोई शक नहीं हुआ।

बोकारो जिले का रहने वाला है दानिश : गिरफ्तार अशरफ दानिश मूल रूप से बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र के मुस्लिम टोला, बुंडू का रहने वाला है। वह स्नातक पास है और पिछले 16 महीनों से रांची के न्यू तबारक लॉज में रहकर कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।

लॉज के संचालक और उसके साथ रहने वाले एक 17 वर्षीय छात्र ने बताया कि उन्हें कभी दानिश पर शक नहीं हुआ। उसकी सामान्य दिनचर्या देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता था कि वह ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकता है।

अशरफ की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और झारखंड एटीएस ने रात 2 बजे से ही उसके लॉज की घेराबंदी शुरू कर दी थी। भारी संख्या में जवानों ने लॉज को घेर लिया और अशरफ को उसके कमरा नंबर 15 से गिरफ्तार कर लिया।

उसके कमरे की तलाशी लेने पर जो सामान मिला, वह चौंकाने वाला था। पुलिस को एक देसी कट्टा, एक कारतूस, हाइड्रोलिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, सल्फर पाउडर, कॉपर सीट, बाल बियरिंग्स, चार चाकू, 10,500 रुपये नकद, एक लैपटॉप, मोबाइल, वेगिंग मशीन, और सर्किट व मदरबोर्ड जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान मिले हैं। ये सभी चीजें बम और अन्य हथियार बनाने में इस्तेमाल होती हैं। यह पूरा मामला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में 9 सितंबर को दर्ज एक प्राथमिकी कांड संख्या 240/25 से शुरू हुआ। यह प्राथमिकी समुदायों के बीच धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने और अवैध हथियार रखने के आरोप में दर्ज की गई थी। दिल्ली में दो संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ के बाद मिली सूचनाओं के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम रांची पहुंची।

झारखंड पुलिस के साथ मिलकर टीम ने रांची के लोअर बाजार, अनगड़ा और पलामू के हुसैनाबाद में एक साथ छापेमारी की। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में नौ सितंबर को कांड संख्या 240/25 में प्राथमिकी दर्ज की गई है।


अशरफ दानिश को रांची कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाया जाएगा। दिल्ली में उससे और अन्य गिरफ्तार संदिग्धों से गहन पूछताछ की जाएगी। अब तक की जांच में उसका कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। उसने पूछताछ में भी कोई खास जानकारी नहीं दी है।

एटीएस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर एक सामान्य छात्र कैसे इतने खतरनाक आतंकी संगठन से जुड़ा और उसके मंसूबे क्या थे। कुछ और संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिनका सत्यापन किया जा रहा है।

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