
रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) में कथित पेपर लीक, अनियमितता मामले की जांच कर रही सीआईडी ने गुरुवार को एक और एजेंट को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार एजेंट रितेश कुमार सिंह है। वह मूल रूप से बिहार के भोजपुर का रहने वाला है और लंबे समय से झारखंड के बोकारो स्थित दुग्धा में रहता था।



गिरफ्तार रितेश जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स आईसीएन टेक्नोलॉजी के संचालक मिथिलेश सिंह का रिश्तेदार है। मिथिलेश सिंह अभी फरार है।
सीआईडी ने उसे पूछताछ के लिए रांची बुलाया था और रांची में पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार किया है। रितेश पर आरोप है कि उसने जेएसससी सीजीएल के 30 से अधिक अभ्यर्थियों को बोकारो के दुग्धा में ले जाकर प्रश्न व उतर रटवाया था, जिसमें अधिकतर को सफलता भी मिली थी। रितेश उन अभ्यर्थियों से करोड़ों रुपये वसूले थे, जिसे वह मिथिलेश सिंह तक पहुंचाया था।
सीआईडी ने छानबीन में पाया है कि जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा के संचालन का जिम्मा वेबेल टेक्नोलॉजी को दी गई थी। वेबेल टेक्नोलॉजी ने आईसीएन एजेंसी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी। आईसीएन ने ही पेपर लीक से लेकर सीट बेचने तक, प्रश्न पत्र लीक करने व उत्तर रटवाने तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीआईडी ने आईसीएन के दो कर्मियों सोमांश प्रकाश व राहुल को गिरफ्तार किया था। सोमांश प्रकाश व राहुल के विरुद्ध उनसे पहले गिरफ्तार मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी ने सीआईडी के सामने जालसाजी का भंडाफोड़ किया था। अभय कुमार तिवारी भी उन सफल अभ्यर्थियों में शामिल था, जिन अभ्यर्थियों ने बोकारो में प्रश्न व उत्तर रटकर परीक्षा पास की थी।

