
भोपाल । केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय प्रणालियों में शामिल होगी। शाह ने राज्य की राजधानी भोपाल के भेल क्षेत्र स्थित दशहरा मैदान में आयोजित गोपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ऐसी विस्तृत योजना पर काम कर रही है, जिससे 31 दिसंबर 2029 के बाद मध्यप्रदेश में नशे के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। शाह ने कहा कि भारत की न्याय व्यवस्था कभी ‘तारीख पर तारीख के तानों के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब नए आपराधिक कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद प्राथमिकी दर्ज होने से लेकर उच्चतम न्यायालय तक तीन वर्ष में न्याय दिलाने का पूरा काम हो जाएगा।उन्होंने कहा कि अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कानून उनके शासन को बचाने के लिए थे, जबकि तीन नए आपराधिक कानून भारत के नागरिकों के सम्मान, संपत्ति और शरीर की रक्षा के लिए हैं। शाह ने कहा कि इन कानूनों का मूल मंत्र न्याय है, दंड नहीं। दंड का प्रावधान केवल अपराधियों को अपराध करने से रोकने के लिए है। इन कानूनों के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद हमारी आपराधिक न्याय व्यवस्था दुनिया की सबसे आधुनिक न्याय प्रणालियों में शामिल होगी।
