वॉशिंगटन। मध्य-पूर्व में जारी तनाव और बढ़ती ऊर्जा कीमतों के बीच अमेरिका ने एक रणनीतिक फैसला लिया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने समुद्री मार्ग में मौजूद ईरानी तेल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस निर्णय की पुष्टि की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ाकर आसमान छूती कीमतों को नीचे लाना है। आपूर्ति में वृद्धि : इस अल्पकालिक अनुमति से लगभग 14 करोड़ बैरल तेल वैश्विक बाजारों में उपलब्ध हो सकेगा।सख्त शर्तें : यह छूट केवल उस तेल के लिए है जो पहले से ही समुद्र में (रास्ते में) है। यह ईरान द्वारा किसी नई खरीद या नए उत्पादन की अनुमति नहीं देता है।वित्तीय नियंत्रण : बेसेंट ने भरोसा दिलाया कि ईरान को इस बिक्री से होने वाले मुनाफे तक पहुँचने में अत्यधिक कठिनाई होगी। उन्होंने कहा, “हम तेल की कीमतें कम रखने के लिए ईरान के बैरल का इस्तेमाल उसी के खिलाफ करेंगे।”बाजार की स्थिति : $112 प्रति बैरल तक पहुँचा कच्चा तेलइजराइल-ईरान संघर्ष और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों के कारण ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है:ब्रेंट क्रूड ऑयल : इसकी कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू गई है।कीमतों में वृद्धि : पिछले एक साल में तेल की कीमतों में 53% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसमें अकेले पिछले शुक्रवार को 3% का उछाल देखा गया।अमेरिका का यह कदम एक ‘दोहरी रणनीति’ जैसा है—जहाँ एक तरफ वह ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी तरफ अपनी घरेलू और वैश्विक अर्थव्यवस्था को तेल की महंगाई से बचाने की कोशिश कर रहा है।

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