
सरायकेला। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना परिसर में एक महिला के साथ दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर समेत तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, सुरक्षा में लापरवाही और कर्तव्य में चूक के आरोप में नौ अन्य पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस केंद्र भेज दिया गया है।



पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर गम्हरिया थाना कांड संख्या 86/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(a)/68 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
वायरलेस ऑपरेटर पर दुष्कर्म का आरोप
पीड़िता के अनुसार, 29 अक्टूबर की शाम पति से विवाद के बाद वह घर से निकल गई थी। पड़ोस की एक महिला की मदद से उसने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पीसीआर वाहन उसे रात करीब 12 बजे गम्हरिया थाना लेकर पहुंचा। वहां तैनात पुलिसकर्मी ने उसे बगल के कमरे में आराम करने की सलाह दी थी।
आरोप है कि इसी दौरान थाने में पदस्थापित वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा कमरे में घुसा और महिला के साथ दुष्कर्म किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी आरक्षी संख्या 410 नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर लिया।
एसआईटी जांच में दो अन्य पुलिसकर्मी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनोज स्वर्गियारी के निर्देश पर सरायकेला एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई। जांच के दौरान संलिप्तता सामने आने पर पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार साहू और आरक्षी संतोष कुमार राय को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
वहीं, सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में एसडीपीओ की रिपोर्ट के आधार पर नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इनमें पुअनि अजय पासवान, पुअनि ललन रविदास, सअनि विशु उरांव, सअनि मुकेश कुजूर, सअनि मुकेश रविदास, सअनि सीताराम सिंह पाहन, हवलदार पिताम्बर महतो, हवलदार बहादुर हांसदा और आरक्षी मनोज गोराई शामिल हैं।
एसपी ने थाने पहुंचकर की जांच
पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठने के बाद एसपी मनोज स्वर्गियारी रविवार को गम्हरिया थाना पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और थाने में तैनात पुलिसकर्मियों से अलग-अलग पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। जांच के बाद लापरवाही के आरोप में नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
एसपी ने बताया कि एसआईटी मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ड्यूटी के दौरान नशे में मिले तो होगी बर्खास्तगी
इस घटना के बाद एसपी ने जिले की पुलिस व्यवस्था को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को थानों की 24 घंटे निगरानी करने और पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया है।
एसपी ने स्पष्ट कहा है कि ड्यूटी के दौरान या थाना परिसर में कोई भी पुलिसकर्मी नशे की हालत में पाया गया तो उसके खिलाफ बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारियों को पुलिसकर्मियों की उपस्थिति, अनुशासन, व्यवहार और कार्यशैली की नियमित समीक्षा करने को कहा गया है।
महिला फरियादियों की सुरक्षा पर विशेष जोर
एसपी ने निर्देश दिया है कि महिला शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया जाए। पूछताछ के दौरान महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए और किसी भी महिला फरियादी को अनावश्यक रूप से थाने में नहीं बैठाया जाए।
इसके अलावा थानों में सीसीटीवी कैमरे चालू रखने, रात की ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों की निगरानी करने और फरियादियों की शिकायतों पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया गया है।
एसपी ने कहा कि थाना प्रभारी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के आचरण और अनुशासन के लिए भी जवाबदेह होंगे। पुलिस का व्यवहार ही आम जनता के बीच विभाग की छवि तय करता है।
