रांची। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में आज झारखंड बंद का ऐलान किया गया है। इसे लेकर मंगलवार की रात शहीद स्मारक स्थल से अल्बर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला गया। आंदोलनकारियों ने अपने मांगों के समर्थन मैं नारा लगाया कि झारखंड आंदोलनकारियों के जेल जाने की बाध्यता समाप्त करते हुए सभी को राजकीय मान सम्मान अलग झारखंडी पहचान, बेटा बेटियों को रोजी रोजगार , नियोजन के अधिकारों की सौ प्रतिशत गारंटी करने, सम्मान पेंशन राशि 50 50 हजार रुपया देना होगा। पूर्व राज्यपाल कैलाशपति मिश्र की प्रतिमा झारखंड से हटाना होगा, राज्य में समता जजमेंट लागू करना होगा ,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपना वादा निभाना होगा, आंदोलनकारी को सम्मान पेंशन देना होगा का भी नारा लगाए।

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक एवं प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने बताया कि 50 हजार आंदोलनकारी अपने अधिकारों एवं स्वाभिमान की रक्षा के लिए 11 सितंबर को झारखंड बंद करने सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने परिवहन मालिकों और दुकानदारों से बंद में सहयोग करने की अपील की। आकस्मिक सेवाएं को बंद से मुक्त रखा गया है।

केंद्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि झारखंड बंद के क्रम में सीमावर्ती राज्यों में सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेंगे। बंद के कराने के लिए आदिवासी के साथ पहली बार कुशवाहा समाज की 100 महिलाएं तीर धनुष लिए रहेंगी।

झारखंड आंदोलनकारियों में अजय सिंह, इम्तियाज खान, रंजन बाड़ा, दिवाकर साहू, एंथन लकड़ा, अमर बांगरा सुजीत राम, प्रताप मेलगंडी, बिरसा मिंस परमेश्वर उरांव शनिचरा उरांव संजय उरांव पंचु उरांव, संजू टोप्पो, शंभू कुमार, संजू उरांव, रूपा पाहन, सानू मुंडा सहित अन्य प्रमुख थे।

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