
नयी दिल्ली : सरकार के सोने पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में कटौती के बाद स्थानीय बाजारों में सोने की कीमतों (Gold Price) में सात प्रतिशत या 5,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की तीव्र गिरावट आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कम लागत से अधिक लोग जिंस और वित्तीय परिसंपत्ति दोनों के रूप में सोने में निवेश करने को प्रोत्साहित होंगे।
विश्लेषकों ने कहा कि सीमा शुल्क में कटौती से सोने का आयात सस्ता हो गया है। इस कदम से सोने की तस्करी पर लगाम लगेगी और संगठित आभूषण क्षेत्र में वृद्धि होगी।
एलकेपी सिक्योरिटीज में जिंस एवं मुद्रा के शोध विश्लेषक उपाध्यक्ष जतीन त्रिवेदी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ सोने की कीमतों पर मूल सीमा शुल्क में कटौती से यह पीली धातु सस्ती हुई है। हालांकि, अचानक हुए बदलाव से बाजार की धारणा कमजोर हो सकती है, लेकिन खुदरा निवेशकों को सोने की नई और अधिक आकर्षक कीमतों से लाभ होगा।’’
यूनिमोनी फाइनेंशियल सर्विसेज के निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) कृष्णन आर. ने कहा कि कम लागत से अधिक लोग सोने में निवेश करने को प्रोत्साहित होंगे..एक वस्तु के रूप में और एक वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में, जिसे अक्सर मुद्रास्फीति तथा मुद्रा अवमूल्यन से निपटने के लिए बचाव के रूप में देखा जाता है।
