
रांची। असम के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पश्चिम बंगाल के बाद अब भाजपा का अगला मुख्य लक्ष्य झारखंड होगा। सरमा ने झारखंड को भाजपा का एक अधूरा एजेंडा बताते हुए कहा कि हालांकि पिछले चुनाव में गठबंधन के स्तर पर कुछ कमियों और अन्य दलों की ओर से वोट काटे जाने के कारण सफलता नहीं मिली, लेकिन असफलता ही सफलता का स्तंभ होती है’। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले चुनाव में भाजपा झारखंड में मजबूती से वापसी करेगी। सरमा ने कहा कि इस समय पूर्वी भारत के लगभग हर राज्य में भाजपा की मौजूदगी है, सिवाय झारखंड के, इसलिए मुझे लगता है कि झारखंड हमारा एजेंडा होगा। हमारी पार्टी यहां पूरा जोर लगाएगी।
मुख्यमंत्री सरमा ने झारखंड की सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि कई लोगों को इस बात का अंदाजा नहीं है कि झारखंड के कुछ जिले अंतरराष्ट्रीय सीमा के बहुत करीब हैं। सरमा के मुताबिक, मुर्शिदाबाद मार्ग के जरिए बड़ी संख्या में लोग झारखंड में दाखिल हुए हैं, जिससे राज्य की जनसांख्यिकी (आबादी का ढांचा) बदल रही है।
सरमा ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि पश्चिम बंगाल की तरह ही झारखंड को भी अपनी पहचान बचाने के लिए भाजपा की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि बंगाल की तरह ही झारखंड में भी आदिवासी गौरव को फिर से बहाल करने और राज्य में हो रहे डेमोग्राफिक बदलाव को रोकने के लिए भारतीय जनता पार्टी की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में हमारी पार्टी की सरकार सत्ता में नहीं आ पाई। इसकी कई वजह हो सकती हैं, हम गठबंधन के स्तर पर सही से काम नहीं कर पाए। लेकिन मुझे उम्मीद है कि अगले चुनाव में हम झारखंड की सत्ता में जरूर होंगे।

