
कटिहार। रैयतों की जमाबंदी में दर्ज त्रुटियों के सुधार और मृत पूर्वजों की जमीन को उनके वैध उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज करने के लिए राज्य में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बुधवार को कटिहार सर्किट हाउस सभागार में राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए बताया कि 31 अक्टूबर तक चलने वाले जमाबंदी शुद्धिकरण एवं उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान के तहत इन विसंगतियों को दुरुस्त किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि नामांतरण या सुधार के क्रम में आवश्यकता पड़ी, तो स्थल मापी भी कराई जाएगी, जिसके लिए रैयतों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।



बैठक में मंत्री ने कहा कि पारदर्शिता और निगरानी को बेहतर बनाने के लिए विभाग के सभी राजस्व न्यायालय ‘राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली’ के तहत संचालित किए जा रहे हैं। इसी तर्ज पर अब भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकारों की कार्यवाही भी डिजिटल व्यवस्था के तहत सुनिश्चित की जाएगी। इससे मुकदमों की सुनवाई, अभिलेखों के डिजिटाइजेशन और मामलों की प्रगति की आॅनलाइन मॉनिटरिंग और अधिक पारदर्शी हो सकेगी।
डॉ. जायसवाल ने अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करते हुए भूदान भूमि से जुड़े सभी पुराने व उपलब्ध अभिलेखों को व्यवस्थित और अद्यतन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन अभिलेखों का सत्यापन कर उन्हें सुरक्षित तरीके से संरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में जांच व उपयोग के दौरान कोई परेशानी न हो। इसके लिए जिले में अपर समाहर्ता (एडीएम) की अध्यक्षता में एक विशेष टीम गठित कर भूदान भूमि के अभिलेखों की विस्तृत इन्वेंट्री तैयार करने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने कटिहार जिले के सभी अंचलों में लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अन्य राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों एवं राजस्व कर्मियों को जनहित से जुड़े मामलों का निष्पादन समय-सीमा के भीतर करने और विभागीय योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया।

