नई दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश के सर्विसेज सेक्टर को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट एंटरप्राइजेज स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमेटी विकास, रोजगार सृजन और निर्यात के अवसरों की उच्च क्षमता वाले क्षेत्रों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिसका उद्देश्य भारत को सर्विसेज क्षेत्र में ग्लोबल लीडर बनाना है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कहा कि हमारी सरकार ने युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए सर्विसेज क्षेत्र पर नए सिरे से जोर देने का निर्णय लिया है, जिसके लिए कई उपाय करने का फैसला किया है।

उन्होंने भाषण में कहा कि मैं उच्च स्तरीय एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट एंटरप्राइजेज स्टैंडिंग कमेटी के गठन का प्रस्ताव करती हूं, जो विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सर्विसेज क्षेत्र पर केंद्रित उपायों की सिफारिश करेगी।
कमेटी विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को अधिकतम करने के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित उभरती टेक्नोलॉजी के रोजगार और कौशल आवश्यकताओं पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करेंगी और इसके लिए उपाय प्रस्तावित करेंगी।
दूसरी तरफ सरकार का फोकस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए करने का ऐलान किया है। इसके जरिए सरकार की कोशिश बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर फोकस कर देश में विकास दर और रोजगार को बढ़ाना है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं के विकास में तेजी लाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क डेवलपमेंट फंड की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास को गति देने के लिए बजट में राजमार्गों, बंदरगाहों, रेलवे और बिजली परियोजनाओं सहित इन्फ्रास्ट्रक्चर को सशक्त प्रोत्साहन देने, 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और तेजी से लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सृजित करने का प्रस्ताव है।

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