
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश से गरीबी दूर करने और लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए काम कर रही है, जबकि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सत्ता की राजनीति और अराजकता फैलाने में जुटी है। उन्होंने विश्व बैंक की 2025 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि वर्ष 2011 से 2023 के बीच भारत में अत्यधिक गरीबी की दर 27.6 प्रतिशत से घटकर 2.6 प्रतिशत रह गई है।



शनिवार को भाजपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि देश में अराजकता फैलाने में नाकाम रहने के बाद कांग्रेस अपने नेता राहुल गांधी को खुश करने के लिए मॉक पार्लियामेंट का राजनीतिक तमाशा कर रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस काल्पनिक राजनीतिक मुद्दों में उलझी है, वहीं दूसरी ओर विश्व बैंक की रिपोर्ट भारत में गरीबी कम करने की दिशा में हुई प्रगति को सामने रखती है।
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 13-14 वर्ष पहले भारत की 57 प्रतिशत आबादी की दैनिक आय दो डॉलर से कम थी। अब भारतीय मुद्रा के हिसाब से प्रतिदिन 400 रुपये से कम कमाने वाली आबादी लगभग 16 प्रतिशत रह गई है। उनके मुताबिक, इसका अर्थ है कि देश की 84 प्रतिशत आबादी प्रतिदिन 400 रुपये से अधिक कमाती है। उन्होंने इसे गरीबी उन्मूलन की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के प्रत्येक व्यक्ति का जीवन स्तर बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अगस्त 2025 में जारी गिनी इंडेक्स का भी उल्लेख किया और कहा कि इसमें भारत का स्कोर 22.5 रहा था। उनके अनुसार, इस आधार पर भारत आर्थिक समानता के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल रहा।
डॉ. त्रिवेदी ने राहुल गांधी के पुराने बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अगस्त 2013 में गरीबी को केवल मानसिकता बताया था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के उस कथन का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि पैसे पेड़ों पर नहीं उगते।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच में जमीन-आसमान का अंतर है। उनके अनुसार, कांग्रेस के शासनकाल में बड़ी आबादी अत्यधिक गरीबी से जूझती रही, जबकि मौजूदा सरकार ने गरीबी कम करने की दिशा में ठोस प्रगति की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विश्व बैंक के आंकड़ों ने मॉक पार्लियामेंट की राजनीति को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

