
भोपाल। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अब बेहतर शासन संचालन का मूल्यांकन सुखांक की गणना के आधार पर हो रहा है। हमारी सरकार जनता को अच्छी सड़कें, पानी, भोजन, स्वास्थ्य की सुविधा के माध्यम से खुशी जीवन देने की दिशा में कार्य कर रही है। बेहतर सड़कों का निर्माण भी इसी दिशा में एक प्रयास है। इसी दिशा में हम प्रदूषण को कम करना चाहते हैं। देश में 22 लाख करोड़ रुपये का पेट्रोल-डीजल और गैस आयात होता है। इसे कम करने को ही मैंने अपना मिशन बनाया है।



केंद्रीय मंत्री गडकरी शुक्रवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे देश में पहली इलेक्ट्रिस बस, कार, इलेक्ट्रिक स्कूटर और ऑटो को झंडी दिखाने का सौभाग्य मिला है। देश में फ्लेक्स इंजन के साथ वाहन तैयार किए जा रहे हैं। इनमें इथेनॉल को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। दुनिया के कई देशों में इथेनॉल मिश्रित ईंधन से गाड़ियां चलती हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में वर्ष 2022 से पेट्रोल में इथेनॉल को मिलाकर फ्यूल डाला जा रहा है। अभी देशभर में 4 करोड़ फोर व्हीलर और 20 करोड़ टू-व्हीलर में यह फ्लूड डाला जा रहा है। एक रिपोर्ट में सामने आया है कि इथेनॉल के इस्तेमाल से वाहन को नुकसान नहीं होता, बल्कि गाड़ी का एवरेज भी बढ़ा है। देश का किसान अब अन्नदाता से ऊर्जादाता भी बना है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से पेट्रोल-डीजल का खर्च बचता है। गरीबों को इलेक्ट्रिक एयरकंडीशन बसों की सुविधाएं मिलनी चाहिए। इन बसों का किराया डीजल बसों की तुलना में 30 प्रतिशत कम होना चाहिए, यह हमारा सपना है। देश में 10 रूट्स पर हाइड्रोजन से चलने वाली बसें चलाने की पहल की गई है। अब सभी ऑटोमोबाइल कंपनियां फ्लेक्स फ्यूल इंजन के साथ वाहन तैयार करेंगे, जिनमें 100 प्रतिशत इथेनॉल का इस्तेमाल किया जाएगा। अब देश को 22 लाख करोड़ का पेट्रोल-डीजल आयात नहीं करना पड़ेगा। देश के किसान मक्का से इथेनॉल तैयार करेंगे और प्रदूषण का स्तर घटेगा। उत्तर प्रदेश और बिहार में किसानों को मक्का का भाव 2600 रुपए मिल रहा है। वैकल्पिक ईधन की व्यवस्था से ही देश में आर्थिक स्वावलंबन का मॉडल बनेगा।

