
नई दिल्ली। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता और घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच तेज कर दी है। मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय गड़बड़ी के एंगल से जांच कर रही ईडी अब कथित परीक्षा धांधली के साथ-साथ बेनामी संपत्ति, नकद लेनदेन और भ्रष्टाचार से जुड़े आर्थिक पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।



सूत्रों के मुताबिक, ईडी की जांच के दायरे में करीब 150 लोग हैं। इनमें झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व पदाधिकारी, सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं।
ईडी के अधिकारियों के अनुसार, जांच में शामिल लोगों के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित भर्ती अनियमितताओं के पीछे किसी तरह का आर्थिक लेनदेन या मनी ट्रेल तो नहीं था।
कई ठिकानों पर कार्रवाई की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि मामले में जल्द ही कई ठिकानों पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर जांच टीमें गठित की गई हैं। टीमें संदिग्ध लेनदेन, संपत्तियों और डिजिटल साक्ष्यों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।
ईडी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित घोटाले से हासिल रकम का इस्तेमाल कहां और किस माध्यम से किया गया। जांच में सामने आने वाले वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

