
रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों की मांगों को लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा हुआ। दूसरी पाली में सदन की कार्यवाही दोपहर 2:06 बजे शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य आमने-सामने आ गए। तीखी नोकझोंक और नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने दोपहर 2:28 बजे सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।



इससे पहले सदन की पहली पाली भी छात्र आंदोलन के मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ गई। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और उनकी मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के बेल में पहुंच गए। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि विपक्षी विधायकों ने राज्य सरकार पर छात्रों पर लाठीचार्ज कराने का आरोप लगाया। विपक्षी सदस्यों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी मांग की।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने छात्रों पर जानबूझकर लाठियां बरसाईं। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर विरोध कर रहे थे।
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने शून्यकाल की सभी सूचनाओं को पढ़ा हुआ मानते हुए उन्हें संबंधित विभागों को भेजने का निर्देश दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दूसरी पाली में कार्यवाही शुरू होते ही एक बार फिर जेपीएससी-जेएसएससी मामले को लेकर हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सदस्य परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच और छात्रों की मांगों पर सरकार से जवाब तथा कार्रवाई की मांग करते रहे। सत्ता पक्ष की ओर से भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया गया। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और तीखी नोकझोंक के कारण सदन का माहौल गरम रहा। विपक्ष लंबे समय से जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और छात्रों की मांगों पर सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहा है। विपक्ष की ओर से मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की जाती रही है।
मंगलवार को भी इसी मुद्दे को लेकर विधानसभा की कार्यवाही लगातार प्रभावित हुई और अंततः दूसरी पाली में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। उल्लेखनीय है कि सोमवार को झारखंड विधानसभा की कार्यवाही विपक्ष की गैरमौजूदगी में चली थी। इस दौरान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 8,399 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये का अनुपूरक बजट पारित किया गया था।

