
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ जारी आंदोलन के बीच रविवार को बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया। आयोग के तीन सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। तीनों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेज दिया है। हालांकि, इस्तीफे के कारणों की आधिकारिक जानकारी तत्काल सामने नहीं आई है।



जेपीएससी की हालिया प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली को लेकर आयोग पहले से विवादों में है। अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है। इसी बीच तीन सदस्यों के एक साथ इस्तीफे को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। इधर, कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच कर रहा अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) आयोग के तीनों सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार को डॉ. अजीता भट्टाचार्य, मंगलवार को डॉ. अनिमा हांसदा और बुधवार को डॉ. जमाल अहमद से पूछताछ की जाएगी। जरूरत पड़ने पर तीनों को दोबारा भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। इससे पहले सीआईडी जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते से चार दौर में पूछताछ कर चुकी है। उनसे परीक्षा प्रक्रिया और आयोग के स्तर पर लिए गए फैसलों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली गई थी।
14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान सीआईडी की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। शनिवार को पांच दिनों की रिमांड के दूसरे दिन मुख्य सचिव कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर आॅपरेटर धर्मेंद्र कुमार और परीक्षा संचालन करने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के अकाउंटेंट रक्षक सिंह से भी पूछताछ जारी रही। जांच एजेंसी दोनों से परीक्षा प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं और संबंधित लोगों के बीच संपर्क को लेकर जानकारी जुटा रही है। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर सीआईडी आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में मिले सुरागों के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

