
पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने प्रशासनिक सुधार, कानून-व्यवस्था, कृषि, न्यायिक व्यवस्था, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं।



सबसे अहम निर्णय के तहत अब 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट के माध्यम से घर बैठे भूमि, प्लॉट और फ्लैट की रजिस्ट्री कराने की सुविधा मिलेगी। पहले यह सुविधा केवल 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए उपलब्ध थी। बिहार निबंधन (संशोधन) नियमावली, 2026 लागू होने के बाद यह नई व्यवस्था प्रभावी होगी।
ई-कैबिनेट प्रणाली लागू
राज्य सरकार ने कैबिनेट की कार्यप्रणाली को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। अब मंत्रियों को कैबिनेट का एजेंडा, बैठक से जुड़े दस्तावेज, निर्णय और उनके क्रियान्वयन की प्रगति ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इस प्रणाली का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) करेगा। सरकार का कहना है कि इससे कागज की बचत होगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी।
पटना में बनेगा एनआईए का कार्यालय
मंत्रिमंडल ने पटना जिले के पाटलिपुत्र अंचल स्थित ढकनपुरा मौजा में भवन निर्माण विभाग की एक एकड़ भूमि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को कार्यालय-सह-आवासीय परिसर के निर्माण के लिए स्थायी रूप से हस्तांतरित करने की मंजूरी दी। यह भूमि 57.37 करोड़ रुपये के भुगतान पर गृह मंत्रालय को दी जाएगी।
फॉरेंसिक संस्थान अब गृह विभाग के अधीन
वैज्ञानिक जांच को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विधि विज्ञान प्रयोगशाला, हैंडराइटिंग ब्यूरो, फिंगर प्रिंट ब्यूरो और फोटो ब्यूरो को गृह विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में लाने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे आपराधिक मामलों की जांच अधिक निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।
रैयाम और सकरी में फिर शुरू होंगी चीनी मिलें
दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी में बंद पड़ी चीनी मिलों की जमीन पर नई सहकारी चीनी मिलें स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना का संचालन इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) करेगी। राज्य सरकार परियोजना लागत का 40 प्रतिशत वित्तीय सहयोग देगी। नई मिलों के साथ गन्ना आधारित अन्य उद्योग भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
19 विशेष न्यायालयों के गठन को मंजूरी
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राज्य के 19 न्यायमंडलों में एक्सक्लूसिव स्पेशल कोर्ट गठित किए जाएंगे। प्रत्येक न्यायालय में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश का एक-एक पद सृजित किया जाएगा। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पटना में दो तथा मुजफ्फरपुर में एक अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे।
बाल गृहों की सुरक्षा के लिए 330 गृह रक्षकों की तैनाती
राज्य सरकार ने बाल गृहों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 330 गृह रक्षकों की तैनाती को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य बाल गृहों में रहने वाले किशोरों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
हेली-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 के संचालन के लिए हेलिकॉप्टर सेवा की अधिप्राप्ति को मंजूरी दी गई है। योजना के तहत प्रत्येक शनिवार और रविवार को वाल्मीकिनगर, मां मुंडेश्वरी मंदिर और राजगीर के हवाई भ्रमण के साथ पटना शहर की हेलिकॉप्टर जॉय राइड कराई जाएगी। इस योजना के लिए निर्धारित अवधि में अधिकतम 3.30 करोड़ रुपये तथा जीएसटी मद में स्वीकृति प्रदान की गई है।

