
पटना। बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को अधिकारियों को बड़ा निर्देश दिया है। ये निर्देश दिया कि हर थाली में बिहारी तरकारी के लक्ष्य को साकार करने के लिए दिया गया है। इसके लिए बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड) की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, भूमि हस्तांतरण और विपणन व्यवस्था में तेजी लाने को कहा गया है। इससे सब्जी उत्पादक किसानों को अधिक फायदा मिल सकेगा।



मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वेजफेड की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य राज्य में त्रि-स्तरीय सहकारी संरचना को सुदृढ़ बनाना, सब्जी उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा करना तथा वेजफेड की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था।
सहकारिता विभाग की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैठक में बताया गया कि वेजफेड राज्य स्तर पर एक शीर्ष संस्था, नौ क्षेत्रीय सब्जी संघों तथा 534 प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (पीवीसीएस) के नेटवर्क के माध्यम से कार्य कर रहा है। वर्तमान में राज्य के 1.18 लाख से अधिक किसान इससे जुड़े हुए हैं।
114 मंजूर प्रोजेक्ट्स में से 107 को दी गई जमीन, लेकिन पटना खाली हाथ
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि कुल 114 स्वीकृत परियोजनाओं में से 107 के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है। इनमें 93 परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 14 परियोजनाएं अभी अधूरी हैं। तिरहुत (मोतिहारी), मिथिला (दरभंगा) और मगध (गया) क्षेत्रीय सब्जी संघों के लिए भूमि उपलब्ध है, जबकि हरित सब्जी संघ (पटना) के लिए अभी भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है।
इन जिलों पर सरकार का खास ध्यान
मुख्य सचिव ने जिन जिलों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों, प्याज भंडारण केंद्रों, बिक्री केंद्रों और शीत भंडार गृह के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां के जिला पदाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर भूमि चिन्हित कर उसका शीघ्र हस्तांतरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने मुंगेर, बक्सर, वैशाली, अररिया, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज और कैमूर सहित उन जिलों में, जहां अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति नहीं है, निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए तत्काल अभियंताओं की तैनाती करने का भी निर्देश दिया।

