
पटना। बिहार सरकार ने भागलपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा और सीतामढ़ी में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप के विशेष क्षेत्रों (कोर क्षेत्र सहित) में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और किसी भी प्रकार के नए निर्माण कार्य पर एक वर्ष के लिए रोक लगा दी है।



इन चार शहरों में टाउनशिप क्षेत्रों का मास्टर प्लान तैयार किया जाना है। जिसे देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है। प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होगा और 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगा। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रतिबंध के दौरान अधिसूचित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, भूमि के विकास और भवन निर्माण से संबंधित किसी भी प्रकार का कार्य नहीं किए जा सकेंगे। यह कार्यवाही शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा 9(7) तथा बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली, 2014 के तहत की गई है।
जानकारी के अनुसार मास्टर प्लान लागू होने तक भूमि के स्वरूप में बदलाव रोकना जरूरी है, ताकि भविष्य में इन शहरों में विकसित होने वाली ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप को सुनियोजित और आधुनिक तरीके से विकसित किया जा सके।
सरकार के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण या निर्माण कार्य करने पर संबंधित अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।इस निर्णय का उद्देश्य चारों शहरों के प्रस्तावित टाउनशिप क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना और भविष्य की शहरी जरूरतों के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करना है।
सात शहरों में जमीन बिक्री पर सरकार की राहत, आवास बोर्ड करेगा सीधी खरीद : राज्य सरकार ने इससे पहले सात शहरों में प्रस्तावित टाउनशिप परियोजनाओं को देखते हुए जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी थी। बाद में कई भू-स्वामियों ने आर्थिक जरूरतों का हवाला देते हुए अपनी जमीन बेचने की अनुमति देने की मांग की।
इसे देखते हुए सरकार ने जून 2026 में राहत का फैसला लिया और जमीन खरीदने की जिम्मेदारी आवास बोर्ड को सौंप दी। नई व्यवस्था के तहत इच्छुक किसान या भू-स्वामी अपनी जमीन बेचने के लिए आवास बोर्ड मुख्यालय, पटना में प्रबंध निदेशक (एमडी) के नाम आवेदन दे सकते हैं।

