
नई दिल्ली । केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि भारत के 12 एलपीजी जहाजों ने हॉर्मुज स्ट्रेट बिना टोल दिए पार किया है, साथ ही कुकिंग गैस का उत्पादन बढ़ाने के लिए तेजी से रिफाइनरियों में बदलाव किए। इन उपायों ने देश को आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट से निपटने में मदद की। चार महीने तक होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए पुरी ने कहा कि सरकार ने बिना रुकावट ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को इस व्यवधान के असर से बचाने के लिए कई आपातकालीन उपाय किए। उन्होंने कहा, “जब दुनिया ऊर्जा के सबसे बुरे संकटों में से एक और बाधित आपूर्ति श्रृंखलाओं का सामना कर रही थी, तब पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऊर्जा उपभोक्ताओं को किसी भी नकारात्मक असर से प्रभावी ढंग से बचाया।”
मंत्री ने कहा कि भारत ने कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में विविधता लाकर, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करके और कई देशों से एलपीजी की वैकल्पिक सप्लाई सुनिश्चित करके घरेलू उपभोक्ताओं को सप्लाई की कमी से बचाया।



उन्होंने कहा कि सरकार के कदमों से यह सुनिश्चित हुआ कि ग्लोबल एनर्जी संकट के बावजूद कुकिंग गैस और ईंधन की सप्लाई स्थिर बनी रही।
संकट के दौरान उठाए गए कदमों में मार्च में ईंधन पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती भी शामिल थी।
उन्होंने कहा, “घरों तक पहुंचने वाली कुकिंग गैस की पूरी सुरक्षा की गई और कालाबाजारी करने वालों द्वारा इस कीमती सप्लाई की हेराफेरी रोकने के लिए डिजिटल ऑथेंटिकेशन कोड जरूरी कर दिया गया।”
पुरी ने बताया कि जिन रिफाइनरियों में पहले कभी कुकिंग गैस का उत्पादन नहीं हुआ था, उनमें उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ ही दिनों में बदलाव किए गए। नतीजतन, एलपीजी का उत्पादन 35 हजार मीट्रिक टन (टीएमटी) प्रतिदिन से बढ़कर 54 टीएमटी प्रतिदिन हो गया।
उन्होंने आगे कहा कि भारत ने अल्जीरिया, जापान और कनाडा जैसे देशों के साथ एलपीजी सप्लाई के नए इंतजाम किए, साथ ही घरेलू मांग को पूरा करने के लिए अमेरिका से अतिरिक्त खेप हासिल कीं।

