
रांची । झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव सोमवार को ईडी कार्यालय नहीं पहुंचे। उन्हें समन भेज कर सोमवार को रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। रोहित उरांव की ओर से ईडी को पत्र लिखकर समय देने की मांग की गई है। कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव को भी 30 जून को ईडी कार्यालय में बुलाया गया है।



रोहित उरांव की ओर से ईडी को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि उन्हें अपने पक्ष में दस्तावेज तैयार करना है, जिसमें उन्हें वक्त लगेगा, इसलिए उन्हें समय दिया जाय। बताया गया है कि अभी ईडी ने उनके पत्र पर विचार नहीं किया है।
रोहित उरांव के ठिकाने से मिले ते 30 लाख : इससे पहले ईडी की ओर से चार अलग-अलग एफआईआर के आधार पर 31 मार्च 2022 को इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज की थी। इसी मामले में ईडी ने 23 अगस्त 2023 को झारखंड सरकार के तत्कालीन वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव और शराब माफिया योगेंद्र तिवारी के आवास सहित 36 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव के ठिकाने से 30 लाख रुपये नकदी मिले थे। ईडी को मौके से भारी मात्रा में दस्तावेज मिले थे।
दस्तावेज की छानबीन में ईडी को जानकारी मिली थी कि रोहित उरांव ने झारखंड में पूर्व की शराब नीति के दौरान अपने सहयोगियों के माध्यम से बड़ी मात्रा में निवेश किया था। छापेमारी के दो महीने बाद ही 19 अक्टूबर 2023 को ईडी ने शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पूर्व में दस्तावेज से मिले साक्ष्य के आधार पर ही छानबीन के क्रम में ईडी को रोहित उरांव और उनके पिता पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव से पूछताछ की आवश्यकता महसूस हुई है, जिसके आधार पर ईडी ने उन्हें पहला समन किया था।
ईडी की ओर से ईसीआइआर में एक बार फिर शराब माफिया योगेंद्र तिवारी, नेताओं के करीबी प्रेम प्रकाश आदि के विरुद्ध अपनी जांच तेज की है। ईडी ने पूर्व में योगेंद्र तिवारी की गिरफ्तारी के बाद दिसंबर 2023 को दाखिल चार्जशीट में यह खुलासा किया था कि योगेंद्र तिवारी ने अधिकारियों के सहयोग से पूर्व की शराब नीति के दौरान शराब बिक्री का टेंडर मैनेज किया था। उसने नेताओं के करीबी प्रेम प्रकाश के सहयोग से शराब के कारोबार में अपनी पकड़ मजबूत की थी। ईडी के अनुसार जामताड़ा के स्टेशन रोड मिहिजाम निवासी योगेंद्र तिवारी अवैध तरीके से बालू के भंडारण , खनन, अवैध शराब के कारोबार और अवैध तरीके से जमीन की खरीद-बिक्री में शामिल था।

