
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि बिहार को देश का अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई )हब बनाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही एआई पॉलिसी लाएगी। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा स्टेडियम में बिहार ए.आई. समिट-2026 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में संचार क्रांति आई है और एआई इस बदलाव का अहम आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि आज भारत के करीब 120 करोड़ लोग मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 हजार करोड़ रुपए की लागत से 125 किलोमीटर गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण अगले 3 वर्षों में पीपीपी मॉडल में पूरा किया जायेगा। 21 जून को होने वाली नीट की परीक्षा के छात्रों के सहयोग में पूरी सरकार की व्यवस्था मौजूद रहेगी। परीक्षा केंद्रों पर जाने के लिए छात्रों को फ्री बस की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। जुलाई महीने में 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोला जायेगा। बिहार ज्ञान की धरती है। सिद्धार्थ को यहीं ज्ञान प्राप्त हुए जिसके बाद वे महात्मा बुद्ध बने। मोहनदास करमचंद गांधी बिहार आकर बापू बने। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के विकास के लिए अनकट पावर चाहिए, इस दिशा में हमलोग काम कर रहे हैं। केन्द्र सरकार के सहयोग से 20 हजार मेगावाट का बिजली उत्पादन करना है।उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को व्यवस्थित किया। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनना है तो बिहार का समृद्ध होना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के इतिहास ने पूरे देश को दिशा दिया था। मगध ने देश को स्वर्णिम काल दिया। नालंदा विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुन: स्थापित किया। यहां के गौरवशाली इतिहास को वापस लाना है। हर हाल में इसी फाइनेंशियल इयर में विक्रमशिला विश्वविद्यालय को स्थापित किया जायेगा। सभी विभाग एआई का अधिक से अधिक उपयोग करें। एआई के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आयेगी। पंचायतों में आयोजित हो रहे सहयोग शिविर में तकनीक का महत्वपूर्ण रोल रहेगा। एआई इसमें काफी मददगार साबित होगा। सहयोग शिविर के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हमारा उद्देश्य है। लोगों की समस्याओं के आवेदन पर 30वें दिन तक अगर कार्रवाई नहीं होगी तो संबंधित पदाधिकारी को 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय निलंबित कर देगा। सहयोग पोर्टल में एक ऐसा स्पेस बनायें जिसमें बिहार की समृद्धि एवं विकास के लिये लोग अपना सुझाव दे सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के प्रवासी लौटें। कर्मभूमि से जन्मभूमि वापस लौटकर अपना कर्ज उतारें। कर्मभूमि में रहकर भी बिहार की समृद्धि में अपना योगदान दें। बिहार के बाहर रहकर बिहार का नाम रौशन करनेवाले प्रवासियों का अभिनंदन करते हैं लेकिन बिहार के बाहर जो लोग मजदूरी के लिये जा रहे हैं उनके रोजगार की बिहार में ही व्यवस्था के लिये सरकार प्रयत्नशील है। राज्य के सभी 534 प्रखंड में मॉडल स्कूल खोला जाएगा। पटना में 10 और गया, बिहार शरीफ, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, हाजीपुर और छपरा सहित नगर निगम वाले जिलों में 5-5 मॉडल स्कूल खोले जायेंगे। छोटे जिलों में भी 3 से 4 मॉडल स्कूल खोले जायेंगे। मॉडल स्कूलों में ऐसी व्यवस्था करनी है कि मंत्री और अधिकारी भी अपने बच्चों को इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए तरसें।पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में लोगों की बुनियादी सुविधाओं को पूर्ण करने के साथ-साथ सुशासन स्थापित किया। सुशासन कायम रखना है। अपराधी अगर पुलिस को चैलेंज करता है तो 48 घंटे के अंदर उसपर कार्रवाई की जायेगी। अपराधी किसी जाति-धर्म का हो, सभी पर सख्ती के साथ कार्रवाई होगी। पुलिसिंग में भी एआई का महत्वपूर्ण रोल होने जा रहा है। नौजवान पीढ़ी बिहार को एआई हब बनाने में अपना सुझाव और योगदान दे। बिहार को एआई हब बनाने के लिये लगातार कार्य किया जायेगा और इस तरह के समिट का आयोजन हमेशा होता रहेगा, सरकार जल्द ही एआई पॉलिसी लायेगी। एआई के माध्यम से बिहार देश के अग्रिणी विकसित राज्यों में शामिल होगा। समाज का उत्थान तभी होगा जब बच्चे युवा आगे बढ़ेंगे। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, फाउंडर भारत जीपीटी के अंकुश अग्रवाल एवं क्यूएलएसएस के निखिल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण, इनोवेटर्स, स्पीकर्स, पॉलिसी मेकर्स एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।




