
नई दिल्ली,। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को दिल्ली के रोहिणी में करीब 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने इन सड़कों को दिल्ली को ‘बेहतर शहर’ बनाने के प्रयासों की कड़ी का हिस्सा बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के लिए जनकल्याण सर्वोपरि है और सुशासन हमारी पहचान है। दोनों राजमार्ग आधुनिक मानकों पर बने हैं और दिल्ली की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली को विश्व स्तरीय राजधानी बनाने के लिए बीते 11 वर्षों में भाजपा सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, विस्तृत मेट्रो नेटवर्क और अब नई सड़कों ने परिवहन को सहज और सुगम बनाया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में अब तक 650 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जा चुकी हैं और निकट भविष्य में इनकी संख्या 2,000 तक पहुंचेगी। यह ग्रीन दिल्ली-क्लीन दिल्ली अभियान को और बल देगा।



प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर का विकास भाजपा सरकार की प्राथमिकता है, विशेषकर तब जब चारों ओर (दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) भाजपा सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं दिल्ली, गुरुग्राम और पूरे एनसीआर के लोगों की सुविधा बढ़ाने में अहम साबित होंगी। कार्यालय, उद्योग और कृषि से जुड़े परिवहन में तेजी आएगी और समय की बचत होगी। कूड़े के पहाड़ से परेशान लोगों की दिक्कत पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अर्बन एक्सटेंशन रोड के निर्माण में लाखों टन कचरे का उपयोग किया गया है, जिससे कूड़े के पहाड़ कम हुए हैं और अपशिष्ट को मूल्यवान संसाधन में बदला गया है।
यमुना नदी की सफाई के प्रयासों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक 16 लाख मीट्रिक टन गाद हटाई गई है। उन्होंने इसे दिल्ली को प्रदूषण और अव्यवस्था से मुक्त करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। साथ ही उन्होंने पिछली सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने दिल्ली को गड्ढे में धकेल दिया था, जिसे बाहर निकालने का कठिन कार्य भाजपा सरकार कर रही है। भाषण में प्रधानमंत्री ने सुधारों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे लिए सुधार का अर्थ सुशासन का विस्तार है। आने वाले समय में सरकार कई बड़े सुधार लागू करेगी, ताकि जीवन और व्यापार दोनों आसान हो सकें।

