
रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मंत्री की सुरक्षा संबंधी मांग पर निशाना साधते हुए कहा कि डीजीपी को पत्र लिखने के बजाय उन्हें एएसआई अजय सिंह के पास जाना चाहिए।



सोशल मीडिया मंच एक्स पर बाबूलाल मरांडी ने लिखा कि झारखंड पुलिस में डीजी और आईजी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की हैसियत खत्म हो चुकी है। उनका आरोप है कि पुलिस महकमे में वास्तविक निर्णय एक एएसआई स्तर के अधिकारी की मर्जी से लिए जा रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि मंत्री अजय सिंह के पास अर्जी लगाएं तो उन्हें गाड़ी, गार्ड और एस्कॉर्ट तुरंत मिल जाएगा।
मरांडी ने दावा किया कि राज्य के एक एडीजी स्तर के अधिकारी भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि संबंधित एएसआई की अनुमति के बिना पुलिस विभाग में कोई फैसला नहीं होता। उन्होंने इसे झारखंड पुलिस व्यवस्था के लिए गंभीर स्थिति बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एक कैबिनेट मंत्री को सुरक्षा के लिए अतिरिक्त वाहन और जवान उपलब्ध कराने के बजाय उनकी मौजूदा गाड़ी भी वापस मांगी जा रही है। उनके अनुसार, यह किसी एक मंत्री का नहीं बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के कमजोर होने का संकेत है।
बाबूलाल मरांडी ने अपने बयान में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था अधिकारियों के बजाय कुछ प्रभावशाली लोगों के इशारों पर चल रही है और इसी कारण मंत्री को अपनी सुरक्षा संबंधी मांग के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

