
रांची : झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन रविवार को मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के साथ भोगनाडीह पहुंचे। यहां उन्होंने वीर शहीद सिदो-कान्हू मुर्मू की स्मृति में बने स्मृति स्थल को नमन किया। उनके साथ पत्नी कल्पना सोरेन, सांसद विजय हांसदा तथा अन्य नेता भी थे।



यहां, उन्होंने कहा कि वे तानाशाही ताकतों को चैन से नहीं रहने देंगे। हेमंत ने कहा- भोगनाडीह की वीर भूमि को शत-शत नमन।
संथाल हूल विद्रोह की क्रांतिकारी भूमि को शत-शत नमन। सौगंध है वीर पुरखों के खून से सिंचित इस मिट्टी की, झारखण्ड के साथ षड्यंत्र करने वाली तानाशाही ताकतों को चैन से नहीं रहने दूंगा।
उन्होंने कहा कि शोषकों और अत्याचारियों को लगा था आदिवासी हैं, यह कैसे लड़ पायेंगे, यह षडयंत्र का सामना कैसे कर पायेंगे! इन्हें दबा देंगे तो इनका जल-जंगल-जमीन हथिया लेंगे।
इसका जवाब भीषण संथाल हूल विद्रोह था। एक ही परिवार से अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू, फूलो-झानो, चांद-भैरव ने असंख्य वीरों और वीरांगनाओं के साथ मिलकर शोषकों की ईंट से ईंट बजा दी थी। उन्होंने अपनी माटी के लिए संघर्ष करना-लड़ना स्वीकार किया, मगर कभी झुकना नहीं।
हम झारखण्डवासियों की नसों में वीर पुरुखों का वही क्रांतिकारी खून बह रहा है। शोषकों के खिलाफ न हम कभी झुके थे, न कभी झुकेंगे। हूल विद्रोह जारी रहेगा

